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दूल्हा मिलने पहुंचा अस्पताल, लेकिन गायब थी दुल्हन! शादी की उम्मीद में जमीन बेच बैठा 53 साल का दूल्हा, 5.65 लाख रुपये लेकर निकली फर्जी नर्स वाली दुल्हनिया गैंग

दुल्हा बनने का सपना टूटा! शादी का झांसा देकर 53 वर्षीय ग्रामीण से 5,65,355 रुपये की ठगी का आरोप। फर्जी नर्स पदमा बनकर बात करने वाली महिला समेत पांच आरोपित गिरफ्तार।

October 12, 2026 4:18 AM
जांजगीर में शादी का झांसा देकर 5.65 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में पांच आरोपित गिरफ्तार
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जांजगीर। 53 साल की उम्र में दूल्हा बनने का सपना देखा, मोबाइल पर नर्स दुल्हनिया भी मिली, लेकिन फिर ऐसा कांड हुआ कि शादी का ख्वाब धुआं-धुआं हो गया। बेचारे दुल्हा राजा को शादी से पहले ही लाखों का फटका लग गया! होने वाली दुल्हनिया कभी मां की बीमारी का बहाना बनाती, कभी एक्सीडेंट की कहानी सुनाती तो कभी मौत का मातम बताकर पैसे मांगती। बेचारे दूल्हे राजा भी सरकारी नौकरी वाली दुल्हनिया को पाकर इस कदर बेताब थे, कि नर्स से रिश्ता बचाने के चक्कर में जमीन बेचकर मिले पैसे तक लुटा बैठे।

दुल्हा राजा बार-बार अपनी होने वाली दुल्हनिया को मिलने के लिए बोलते, लेकिन दुल्हन हर बार नया बहाना बना देती, फिर दुल्हा खुद ही दुल्हन से आमने-सामने मिलने अस्पताल पहुंच गये। लेकिन, अस्पताल पहुंचते ही दुल्हे का सर चकरा गया, जिस अस्पताल में अपनी होने वाली पत्नी की पोस्टिंग समझकर वो पैसे दे रहे थे, वो नर्स तो वहां से गायब थी। वहां जाकर पता चला कि शादी का पूरा खेल ही फर्जी था! शादी के अरमानों पर पानी फेरने वाले इस कथित मैरिज गैंग के पांच सदस्य अब पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में शादी का रिश्ता कराने के नाम पर ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें कथित ठगों ने एक ग्रामीण से 5 लाख 65 हजार 355 रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने मामले की जांच के बाद चार महिलाओं और एक पुरुष समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सभी राजनांदगांव क्षेत्र के निवासी हैं।

मोबाइल पर आया शादी का विज्ञापन, फिर शुरू हुआ कथित ठगी का खेल

नवागढ़ निवासी 53 वर्षीय रेशम लाल साहू अपने लिए शादी का रिश्ता तलाश रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर शादी का एक विज्ञापन आया। संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि महासमुंद के सरकारी अस्पताल में पदमा नाम की एक युवती नर्स के पद पर काम करती है और उससे उनका रिश्ता कराया जा सकता है।

शुरुआती भुगतान के बाद पीड़ित को युवती का मोबाइल नंबर दिया गया। फिर व्हाट्सएप पर बातचीत और फोन कॉल का सिलसिला शुरू हुआ। पीड़ित को लगा कि रिश्ता सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। लेकिन पुलिस की जांच के अनुसार, जिस पदमा से वह बात कर रहे थे, वह असल में कोई नर्स नहीं, बल्कि भूमिका रंगारी थी, जो कथित तौर पर युवती बनकर उनसे बातचीत कर रही थी।

कभी मां बीमार, कभी खुद का हादसा… हर कहानी का अंत पैसों की मांग पर

रिश्ते की बातचीत के बीच अचानक परेशानियां आने लगीं। कभी मां के इलाज के लिए रुपये मांगे गए, तो कभी खुद की बीमारी और दुर्घटना का हवाला दिया गया। पुलिस के मुताबिक, मां की मृत्यु का बहाना बनाकर भी पीड़ित से पैसे लिए गए।

हर बार कोई नई परेशानी सामने आती और उसके समाधान के लिए रकम मांगी जाती। शादी की उम्मीद में रेशम लाल साहू मदद करते रहे। धीरे-धीरे रकम बढ़ती गई और उन्हें इस बात का अंदाजा तक नहीं हुआ कि कथित तौर पर वह ठगी के जाल में फंस चुके हैं।

आखिरकार, जमीन बेचकर मिली रकम और उधार लिए पैसों को मिलाकर उन्होंने कुल 5,65,355 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा कर दिए। जिस रिश्ते से उन्हें जीवन में नई शुरुआत की उम्मीद थी, उसी के नाम पर उनकी बड़ी रकम चली गई।

दूल्हे ने कहा- अब मिलना है, तो शुरू हो गए बहाने!

कहानी का सबसे अहम मोड़ तब आया, जब रेशम लाल साहू ने फोन पर बातचीत से आगे बढ़कर पदमा से आमने-सामने मिलने की बात कही। पुलिस के अनुसार, इसके बाद मिलने को लेकर तरह-तरह के बहाने बनाए जाने लगे।

लगातार टालमटोल से पीड़ित का शक गहराने लगा। आखिरकार उन्होंने खुद महासमुंद के सरकारी अस्पताल जाकर पदमा के बारे में पता लगाने का फैसला किया।

लेकिन अस्पताल पहुंचकर उन्हें जो जानकारी मिली, उसने शादी के पूरे सपने पर पानी फेर दिया। वहां पदमा नाम की कोई युवती नहीं मिली। आसपास पूछताछ करने पर भी कथित नर्स का कोई पता नहीं चला।

अब तक जिस रिश्ते को वह सच मान रहे थे, उसकी हकीकत सामने आने लगी। दुल्हन से मुलाकात की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे ग्रामीण को समझ आ गया कि शादी के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।

अस्पताल में नहीं मिली नर्स तो साइबर पुलिस तक पहुंचा मामला

ठगी का अहसास होने के बाद रेशम लाल साहू ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर थाना जांजगीर में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

पुलिस ने साइबर पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की पड़ताल की। जांच के दौरान आरोपितों के तार राजनांदगांव क्षेत्र से जुड़े मिले। पुलिस के मुताबिक, भूमिका रंगारी ही पदमा बनकर पीड़ित से बात कर रही थी। उसके खाते में करीब ढाई लाख रुपये जमा हुए थे।

मैरिज ब्यूरो में नौकरी के बाद खुद का कथित फर्जी नेटवर्क!

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान भूमिका रंगारी ने बताया कि वह वर्ष 2025 में लव लाइक रिश्ते मैरिज ब्यूरो में काम करती थी। नौकरी छोड़ने के बाद उसने कथित तौर पर फर्जी संस्था के जरिए मोबाइल पर शादी के विज्ञापन देने और विवाह का भरोसा दिलाकर लोगों से रुपये लेने का काम शुरू किया।

जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि इस काम में अन्य लोग शामिल थे। आरोप है कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए, जिनमें ठगी की रकम का कुछ हिस्सा जमा कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, भूमिका रंगारी के खिलाफ शादी के नाम पर रिश्ता कराने और रुपये लेने से जुड़ी अन्य शिकायतें भी साइबर पोर्टल पर दर्ज हैं। संबंधित थानों को इसकी जानकारी दी गई है।

चार महिलाएं और एक पुरुष गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम हैं:

  • भूमिका रंगारी
  • रोहित कुमार गुप्ता
  • नसीम बानो
  • तय्यबा बानो
  • शायना बानो

पुलिस ने सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया है। मामले में निरीक्षक भास्कर शर्मा, लक्ष्मी साहू, विवेक सिंह, मनोज तिग्गा, गिरीश कश्यप, पद्मराज सिंह और दिव्या सिंह ने कार्रवाई में भूमिका निभाई।

 

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