रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोक शिक्षण संचालनालय ने प्राचार्यों के समयमान वेतनमान, सेवानिवृत्ति, पेंशन प्रकरण और नवगठित जिलों में पदों की स्वीकृति को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। 9 अक्टूबर 2026 को जारी इस आदेश में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को संबंधित विषयों की जानकारी और आवश्यक प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है।
प्राचार्यों के समयमान वेतनमान के प्रस्ताव भेजने के निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय ने ऐसे प्राचार्यों की जानकारी मांगी है, जो प्रथम या द्वितीय समयमान वेतनमान की पात्रता रखते हैं, लेकिन जिनके प्रस्ताव अब तक संचालनालय को नहीं भेजे गए हैं। ऐसे प्राचार्यों के प्रस्ताव निर्धारित दस्तावेजों के साथ भेजने होंगे। इसके लिए पात्रता तिथि से पिछले पांच वर्षों के गोपनीय प्रतिवेदन (CR) उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इन प्रतिवेदनों में समीक्षक और स्वीकृतकर्ता अधिकारी का मूल्यांकन होना भी जरूरी है।
सेवानिवृत्त प्राचार्यों के पेंशन प्रकरणों की मांगी जानकारी
आदेश में सेवानिवृत्त प्राचार्यों के पेंशन प्रकरणों को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। ऐसे मामलों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिनमें संबंधित प्राचार्यों के लिए ‘न मांग, न जांच, न घटना प्रमाण-पत्र’ जारी करने के संबंध में प्रस्ताव या पत्र अब तक संचालनालय को नहीं भेजा गया है।इस पहल का उद्देश्य लंबित प्रकरणों की स्थिति स्पष्ट करना और आवश्यक कार्रवाई को आगे बढ़ाना है।
31 दिसंबर 2026 तक सेवानिवृत्त होने वाले प्राचार्यों-व्याख्याताओं का ब्योरा मांगा
लोक शिक्षण संचालनालय ने ऐसे प्राचार्यों और व्याख्याताओं की जानकारी भी मांगी है, जिनके सेवानिवृत्ति आदेश 31 दिसंबर 2026 की स्थिति में जारी नहीं हुए हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को ऐसे मामलों का विवरण समयसीमा के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि सेवानिवृत्ति से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
नवगठित जिलों में पदों की स्वीकृति के लिए मांगे प्रस्ताव
आदेश में नवगठित जिलों में समग्र शिक्षा और जिला शिक्षा कार्यालयों के लिए आवश्यक पदों की स्वीकृति का मुद्दा भी शामिल है। संचालनालय ने संबंधित अधिकारियों से पदों की आवश्यकता स्पष्ट करते हुए कारण सहित प्रस्ताव भेजने को कहा है।इन प्रस्तावों के आधार पर संबंधित कार्यालयों में आवश्यक पदों की स्वीकृति के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

एक सप्ताह में जानकारी देना अनिवार्य
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आदेश में उल्लेखित चारों बिंदुओं पर जानकारी और आवश्यक प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से भेजे जाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि लंबित मामलों का निराकरण और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई समय पर पूरी की जा सके।
इस आदेश से प्रदेश के उन प्राचार्यों और व्याख्याताओं से जुड़े मामलों पर ध्यान केंद्रित होगा, जिनके वेतनमान, पेंशन या सेवानिवृत्ति संबंधी प्रकरण लंबित हैं। वहीं, नवगठित जिलों में कार्यालयों के लिए पदों की आवश्यकता का आकलन भी आगे बढ़ सकेगा।







