रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ा दी है। वित्त विभाग ने निर्देश जारी कर सुनिश्चित करने को कहा है कि कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख पर ही पेंशन भुगतान आदेश (PPO) उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में वित्त निर्देश क्रमांक 25/2026 जारी किया गया है।
13 अक्टूबर 2026 को जारी इस निर्देश में पेंशन प्रकरणों को समय पर तैयार करने, ऑनलाइन निगरानी और लंबित मामलों का तेजी से निराकरण करने पर जोर दिया गया है। साथ ही, पेंशन संबंधी कामकाज में लापरवाही होने पर संबंधित विभागाध्यक्षों की जवाबदेही भी तय की गई है।
वित्त विभाग के उप सचिव इन्द्र प्रकाश रात्रे द्वारा जारी यह निर्देश मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन में जारी किया गया है। सरकार का उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को समय पर पेंशन संबंधी लाभ उपलब्ध कराना और विभागीय प्रक्रियाओं के कारण होने वाली देरी को रोकना है।
सेवानिवृत्ति के दिन PPO देने की तैयारी
शासकीय कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद नियमित पेंशन भुगतान शुरू कराने में पेंशन भुगतान आदेश यानी PPO की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके लिए सेवा संबंधी दस्तावेजों की जांच, आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता और संबंधित कार्यालयों के बीच समय पर प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
वित्त विभाग ने निर्देश दिया है कि पेंशन प्रकरणों का निराकरण इस तरह किया जाए कि कर्मचारी को सेवानिवृत्ति की तारीख पर ही PPO उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए संबंधित विभागों और कार्यालय प्रमुखों को पहले से तैयारी करने तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है।
रिटायरमेंट से तीन महीने पहले तैयार करना होगा पेंशन प्रकरण
वित्त विभाग ने पेंशन प्रकरणों की तैयारी के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की है। सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय प्रमुखों को आगामी तीन महीने, छह महीने और दो वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा करनी होगी।
निर्देश के अनुसार, सेवानिवृत्ति की तारीख से तीन महीने पहले पेंशन प्रकरण तैयार कर उसे अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन को भेजना होगा। इससे दस्तावेजों की जांच और जरूरी औपचारिकताएं कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने से पहले पूरी की जा सकेंगी।इस व्यवस्था में विभागों को पहले से यह पता लगाना होगा कि किन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति नजदीक है और किन मामलों में दस्तावेजों या अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने की जरूरत है।
‘आभार आपकी सेवाओं का’ पोर्टल से होगी निगरानी
पेंशन प्रकरणों की ऑनलाइन प्रक्रिया और निगरानी के लिए वित्त विभाग ने ‘आभार आपकी सेवाओं का’ पोर्टल का उपयोग अनिवार्य किया है। इसके माध्यम से पेंशन संबंधी मामलों को संबंधित अधिकारियों तक भेजने और लंबित प्रकरणों की स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था की गई है।
निर्देश में बताया गया है कि सभी सचिवों, विभागाध्यक्षों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) को पोर्टल के लॉगिन यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब संबंधित अधिकारियों को पोर्टल के माध्यम से पेंशन प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करनी होगी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित होने से रोकना और जिम्मेदार अधिकारियों को समयसीमा के भीतर कार्रवाई के लिए जवाबदेह बनाना है।
आपत्ति मिलने पर तुरंत सुधारना होगा प्रकरण
पेंशन प्रकरणों की जांच के दौरान यदि संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन की ओर से कोई आपत्ति दर्ज की जाती है, तो उसका जल्द से जल्द निराकरण करना होगा। इसके बाद संशोधित प्रकरण दोबारा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इस निर्देश के जरिए विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि दस्तावेजों में कमी या अन्य त्रुटियों के कारण पेंशन संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी न हो। संबंधित कार्यालयों को आपत्तियों पर समय रहते कार्रवाई करनी होगी, ताकि सेवानिवृत्ति की तारीख तक जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
एंटीसिपेटरी पेंशन के मामलों की भी होगी समीक्षा
वित्त विभाग ने उन मामलों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं, जिनमें कर्मचारियों को एंटीसिपेटरी यानी अग्रिम पेंशन प्रदान की जा रही है। ऐसे प्रकरणों की स्थिति की जांच कर संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन को भेजना होगा।
इससे ऐसे मामलों की समीक्षा हो सकेगी, जिनमें सामान्य पेंशन प्रक्रिया के तहत अंतिम भुगतान आदेश जारी करने में किसी कारण से देरी हो रही है। विभागों को इन प्रकरणों की स्थिति स्पष्ट रखते हुए नियमानुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी।
न्यायालयीन मामलों और विभागीय जांच की देनी होगी जानकारी
कुछ कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण न्यायालयीन मामलों, विभागीय जांच या अन्य कारणों से तैयार नहीं हो पाते हैं। वित्त विभाग ने ऐसे मामलों के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं।यदि किसी कर्मचारी का पेंशन प्रकरण तैयार करना संभव नहीं है, तो संबंधित विभाग को इसके कारणों का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
ऐसे मामलों की सूची संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि को उपलब्ध करानी होगी।इस व्यवस्था से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण लंबित हैं और उनके निराकरण में किस प्रकार की बाधा आ रही है। साथ ही, संबंधित मामलों की स्थिति की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
लापरवाही पर विभागाध्यक्षों की तय होगी जवाबदेही
वित्त विभाग ने पेंशन प्रकरणों के निराकरण में देरी को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे। विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेंशन संबंधी कामकाज निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा हो।
इसके अलावा, विभागाध्यक्षों के गोपनीय प्रतिवेदन (CR) में पेंशन प्रकरणों के शत-प्रतिशत लक्ष्य के अनुपालन की स्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। इसका मतलब है कि पेंशन मामलों के समयबद्ध निराकरण को विभागाध्यक्षों के कार्य निष्पादन की समीक्षा से भी जोड़ा जाएगा।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर लाभ दिलाना उद्देश्य
वित्त विभाग के इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों को समय पर पूरा करना और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन संबंधी औपचारिकताओं के कारण होने वाली परेशानी को कम करना है। इसके लिए सेवानिवृत्ति से पहले तैयारी, ऑनलाइन निगरानी, आपत्तियों का त्वरित निराकरण और अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर दिया गया है।
यदि विभाग निर्धारित समयसीमा का पालन करते हैं, तो सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को समय पर PPO उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। अब विभागों और कार्यालय प्रमुखों को अपने यहां लंबित मामलों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करना होगा कि पेंशन प्रकरण अनावश्यक रूप से न अटकें और निर्धारित प्रक्रिया समय पर पूरी हो।
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