IAS S Jaiwardhan: छत्तीसगढ़ कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी श्री एस. जयवर्धन को केंद्र सरकार ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय स्टाफिंग स्कीम (Central Staffing Scheme) के तहत उन्हें देश के केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) में उप सचिव (Deputy Secretary) के पद पर नियुक्त किया गया है।कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoP&T), नई दिल्ली द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
4 वर्ष की अवधि के लिए हुई नियुक्ति
जारी आदेश के अनुसार, आईएएस एस. जयवर्धन का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष की अवधि या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) प्रभावी रहेगा। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ शासन को निर्देश दिया है कि अधिकारी को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान कर्तव्यों से मुक्त किया जाए, ताकि वे नई दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में अपना नया पदभार ग्रहण कर सकें।
3 सप्ताह के भीतर ज्वाइन करना अनिवार्य
DoP&T के सर्कुलर और ACC (Appointments Committee of the Cabinet) के दिशा-निर्देशों के तहत, अधिकारी को आदेश जारी होने की तिथि से तीन सप्ताह के भीतर नए पद पर कार्यभार संभालना अनिवार्य है। तय समय-सीमा में ज्वाइन न करने पर केंद्रीय स्टाफिंग स्कीम के तहत डिबार्मेंट (debarment) की कार्रवाई की जा सकती है।
जानिए कौन हैं IAS एस. जयवर्धन: नवोदय से UPSC तक का शानदार सफर
2014 बैच के आईएएस अधिकारी एस. जयवर्धन छत्तीसगढ़ के कई महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं। मूल रूप से विशाखापटनम, आंध्र प्रदेश के रहने वाले एस. जयवर्धन अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके पिता की नौकरी ट्रांसफरेबल होने के कारण परिवार अंततः विशाखापटनम में सेटल हुआ।
5वीं कक्षा में खुद ही किया नवोदय के लिए आवेदन
बचपन से ही स्वावलंबी सोच रखने वाले एस. जयवर्धन माता-पिता पर आर्थिक बोझ नहीं बनना चाहते थे। जब 5वीं कक्षा में थे, तब दोस्तों से एक नए आवासीय और निशुल्क स्कूल (नवोदय विद्यालय) के बारे में पता चला। वे स्वयं डीओ (DO) ऑफिस जाकर फॉर्म ले आए और पिताजी से भरवाकर दाखिला लिया। नवोदय की हॉस्टल लाइफ ने उनके व्यक्तित्व और अनुशासन को गढ़ने में बड़ी भूमिका निभाई।

इंजीनियरिंग से IRTS और फिर IAS तक का सफर
• तकनीकी शिक्षा: उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बी.टेक और एम.टेक की पढ़ाई पूरी की।
• पहला चयन: परिवार की प्राथमिक जरूरतों को देखते हुए उन्होंने पहले नौकरी पर ध्यान दिया और IRTS (भारतीय रेलवे यातायात सेवा) में चयनित हुए।
• नौकरी के साथ UPSC की तैयारी: प्राइवेट व सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई का अनुशासन बनाए रखा। उनका मानना है कि सही टाइम मैनेजमेंट और अनुशासन से नौकरी के साथ भी यूपीएससी की तैयारी संभव है। आखिरकार 2014 में उन्होंने यूपीएससी क्रैक कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया।
छत्तीसगढ़ कैडर मिलने पर जताई थी खुशी
गृह राज्य आंध्र प्रदेश से निकटता होने के कारण छत्तीसगढ़ कैडर मिलने पर वे बेहद खुश थे। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के व्याख्यानों से उन्हें समझ आया कि छत्तीसगढ़ में चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन जनसेवा और प्रशासनिक अनुभव के लिहाज से काम करने का यह एक उत्कृष्ट प्लेटफॉर्म है।










