बिलासपुर। अतिथि शिक्षकों को क्लास लेने की अनुमति मिल गयी है। इस संबंध में डीईओ ने आदेश जारी कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिले के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी और स्वामी आत्मानंद स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कुल 250 अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी।
कलेक्टर से अनुमोदन मिलने के बाद संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को 14 अक्टूबर 2026 से चयनित शिक्षकों को आवंटित स्कूलों में अध्यापन कार्य शुरू कराने के निर्देश दिये गये हैं। इन शिक्षकों को मानदेय का भुगतान जिला खनिज न्यास (DMF) फंड से किया जाएगा।
Bilaspur Guest Teacher Order: 250 अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी
जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए अतिथि शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन किया गया था। इसके लिए बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा विकासखंड के शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी गई थी।
संबंधित विकासखंडों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर की मंजूरी मिलने के बाद अब चयनित शिक्षकों को संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में अध्यापन कार्य के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
किस वर्ग के कितने अतिथि शिक्षक, कितना मिलेगा मानदेय?
अतिथि शिक्षकों के लिए प्रति कालखंड मानदेय की दर निर्धारित की गई है। जारी जानकारी के अनुसार, प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के लिए 93 अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जबकि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के लिए 157 अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी।
स्कूल का वर्ग अतिथि शिक्षकों की संख्या प्रति कालखंड मानदेय
प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला 93 ₹75
हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी शाला 157 ₹100
कुल 250 —
मानदेय का भुगतान पढ़ाये गये कालखंडों के आधार पर निर्धारित दर से किया जाएगा। यानी शिक्षकों को मिलने वाली कुल राशि उनके द्वारा लिये गये कालखंडों की संख्या पर निर्भर करेगी।
14 अक्टूबर से स्कूलों में पढ़ाने के निर्देश
कलेक्टर से अनुमोदन मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सभी संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 14 अक्टूबर 2026 से अतिथि शिक्षकों को आवंटित संस्थानों में अध्यापन कार्य के लिए भेजना सुनिश्चित करें।
इस व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या को कम करना है। अतिथि शिक्षकों की सेवाएं वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ली जा रही हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रह सके।

DMF फंड से होगा हर महीने मानदेय का भुगतान
आदेश में अतिथि शिक्षकों को समय पर मानदेय देने के लिए उपस्थिति से संबंधित प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। इसके तहत संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को हर महीने की उपस्थिति पंजी के आधार पर गणना पत्रक तैयार कर जिला कार्यालय में जमा करना होगा।शिक्षकों द्वारा लिये गये कालखंडों और उनकी उपस्थिति के आधार पर मानदेय की गणना की जाएगी। इसके बाद जिला खनिज न्यास (DMF) फंड से भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की वैकल्पिक व्यवस्था
बिलासपुर जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की यह व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर जारी निर्देश के बाद संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि चयनित शिक्षकों को निर्धारित स्कूलों में कार्यभार ग्रहण कराकर अध्यापन कार्य शुरू कराया जाए।
इस फैसले से जिले के प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्तर तक के स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सहारा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह नियुक्ति नियमित भर्ती के बजाय शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था है।
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