धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र में तेंदुए के लगातार हमलों से दहशत का माहौल है। ग्राम पंचायत बोराई के आश्रित ग्राम कारीपानी में तेंदुए ने एक बार फिर ग्रामीण पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल ग्रामीण की पहचान तेजलाल, पिता गुहराम के रूप में हुई है। घटना देर शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। घायल को उपचार के लिए नगरी अस्पताल पहुंचाया गया है।
गांव में लगातार हो रहे हमलों के बाद ग्रामीणों के बीच डर बढ़ गया है। हालात ऐसे हैं कि लोग घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुआ एक के बाद एक लोगों को निशाना बना रहा है, लेकिन उसे पकड़ने के लिए अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
एक के बाद एक हमले, तेंदुए की मौजूदगी से दहशत
कारीपानी में तेंदुए के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 10 बजे भी इसी गांव में तेंदुए ने तीन लोगों पर हमला कर दिया था। हमले में घायल लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है।
इसके बाद एक बार फिर तेजलाल पर हमले की घटना सामने आई है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को डर है कि यदि तेंदुए को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
हालांकि, तेंदुए के लगातार हमलों के आधार पर उसे आधिकारिक रूप से ‘आदमखोर’ घोषित किया गया है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कोंडागांव में भी चार लोगों पर हमले की खबर, महिला की मौत
तेंदुए के हमलों की एक अन्य घटना कोंडागांव जिले के बस्तर बुडरा क्षेत्र से भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार तड़के तेंदुए ने चार लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायलों को उपचार के लिए विश्रामपुरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गई। हालांकि, इस घटना और कारीपानी में हुए हमलों में शामिल तेंदुआ एक ही है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद वनांचल क्षेत्रों में वन्यजीवों की निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
गांव में लगातार हो रहे हमलों से नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नियमित गश्त और प्रभावी निगरानी जरूरी है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव के चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अलग-अलग टीमें तैनात की जाएं, ताकि तेंदुए की मौजूदगी का पता लगाया जा सके और लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
ग्रामीणों के मुताबिक, उनके गांव में पहले कभी इस तरह एक के बाद एक इतने लोगों पर तेंदुए के हमले की घटनाएं नहीं हुई थीं। लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों को भयभीत कर दिया है।
तेंदुए को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने और उसे आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक तेंदुए की गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं होता, तब तक गांव में सामान्य जनजीवन बहाल करना मुश्किल है।लोगों ने वन विभाग से रात के समय विशेष निगरानी रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।
वन विभाग ड्रोन से कर रहा निगरानी, मुनादी कर लोगों को किया जा रहा सतर्क
वहीं, वन विभाग के अनुसार तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों को मुनादी के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही ड्रोन की मदद से क्षेत्र में निगरानी की जा रही है, ताकि तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।फिलहाल ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लगातार हमलों के बीच लोगों की मांग है कि वन विभाग निगरानी के साथ-साथ तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाए।










