धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र में तेंदुए के हमलों से दहशत के बीच बड़ी खबर सामने आई है। आमानारा गांव में ग्रामीणों पर हमला करने वाले तेंदुए को पकड़ लिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए को प्राथमिक उपचार के बाद जंगल सफारी भेजने की तैयारी की जा रही है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसे रखा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, आमानारा गांव में तेंदुए ने चार ग्रामीणों पर हमला किया था। घायलों को उपचार के लिए नगरी सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक ग्रामीण की मौत होने की खबर है। हालांकि, मौत को लेकर आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने आना बाकी है।
ग्रामीणों पर हमले के बाद पकड़ा गया तेंदुआ
लगातार हमलों की घटनाओं के बीच आमानारा गांव में तेंदुए के पकड़े जाने से इलाके में चल रही दहशत के बीच राहत की उम्मीद जगी है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने बताया कि लोगों पर हमला करने वाला तेंदुआ पकड़ में आ गया है।
उन्होंने बताया कि तेंदुए को प्राथमिक उपचार देने के बाद जंगल सफारी भेजा जाएगा। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसे रखा जाएगा। तेंदुए के हमलावर व्यवहार के पीछे क्या वजह रही, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
कारीपानी और बस्तर बुडरा में भी हुए थे हमले
धमतरी और आसपास के वनांचल क्षेत्रों में पिछले दिनों तेंदुए के हमलों की कई घटनाएं सामने आई थीं। बुधवार देर रात बोराई पंचायत के आश्रित ग्राम कारीपानी में तेंदुए ने तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बाद कोंडागांव जिले के बस्तर बुडरा में भी ग्रामीणों पर हमले की घटना सामने आई। गुरुवार शाम कारीपानी में एक अन्य ग्रामीण के घायल होने की भी जानकारी मिली।
बस्तर बुडरा में घायल लोगों को विश्रामपुरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उपचार के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत होने की खबर है।
हालांकि, वन विभाग ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि आमानारा में पकड़ा गया तेंदुआ ही कारीपानी और बस्तर बुडरा में हुए हमलों के लिए जिम्मेदार है या नहीं।
रेबीज की आशंका, विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे जांच
डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन के मुताबिक, तेंदुए में रेबीज की आशंका को देखते हुए उसकी चिकित्सकीय जांच और निगरानी की जाएगी। हमलों की वजह जानने के लिए भी जांच जरूरी है।
लगातार सामने आई घटनाओं से वनांचल के ग्रामीणों में भय का माहौल है। अब आमानारा में तेंदुआ पकड़े जाने के बाद वन विभाग की निगरानी और जांच पर नजर रहेगी। विभाग की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि अलग-अलग गांवों में हुए हमलों के पीछे एक ही तेंदुआ था या नहीं।










