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जगदलपुर: स्कूलों में छुट्टियां खत्म, लेकिन शिक्षक अभी भी छुट्टी के मूड में, 8 लापरवाह शिक्षकों पर गिरी गाज

बस्तर जिले में नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें 8 लापरवाह शिक्षकों और समन्वयकों को नोटिस जारी किया गया। प्रशासन ने उपस्थिति, मध्याह्न भोजन और अनुशासन को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं।

June 18, 2026 2:25 AM
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जगदलपुर। स्कूलों में गरमी की छुट्टी खत्म हो गयी है, लेकिन शिक्षकों की छुट्टी का मूड अभी खत्म नहीं हुआ है। अभी भी कई शिक्षक स्कूल से गायब है या फिर सरकार के दिशा निर्देशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। ऐसे ही लापरवाह शिक्षकों पर गाज गिरी है। आठ शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस पर बस्तर जिले के स्कूलों में एक तरफ जहाँ बच्चों के स्वागत की उत्सुकता दिखी, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक कसावट का कड़ा रुख भी सामने आया। नया सत्र शुरू होने के अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी  परमेश्वर पाण्डे द्वारा विकासखण्ड तोकापाल, लोहण्डीगुडा एवं बस्तर के विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं का जायजा लेना और बच्चों की उपस्थिति को प्रोत्साहित करना था।

इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि विद्यालयों में नया सत्र शुरू होने की खुशी में प्रवेशोत्सव बेहद हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा था, जहाँ बच्चे नए उमंग के साथ अपनी कक्षाओं में पहुंचे थे। हालांकि इस उत्सव के माहौल के बीच कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और समन्वयकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई।

निरीक्षण के दौरान अनुशासनहीनता पाए जाने पर विकासखण्ड बस्तर एवं तोकापाल में कार्यरत 08 लापरवाह शिक्षकों एवं संकुल समन्वयकों को तत्काल कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर दिया गया। इन शिक्षकों के द्वारा यदि निर्धारित समयावधि में इन सभी की ओर से कोई संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध एक दिवस का वेतन कटौती करने की कार्यवाही की जाएगी।

इस प्रशासनिक कार्यवाही के साथ ही स्कूलों के सुचारू संचालन को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का नियमित और गुणवत्तापूर्ण संचालन किया जाए। इसके साथ ही शिक्षकों को अपनी डेली डायरी को प्राथमिकता के साथ अनिवार्य रूप से लिखने को कहा गया है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों का सही मूल्यांकन हो सके। सत्र के पहले ही दिन से एक अनुशासित माहौल बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने समय पर बच्चों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और उसे अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।

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