रायपुर। स्कूलों को अब संसाधनों की दिक्कत नहीं होगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी सौगात दी है। राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा ने प्रदेश के 32,295 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के नियमित संचालन और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 84 करोड़ 29 लाख 90 हजार रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत कर दी है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
राज्य सरकार की तरफ से जारी यह राशि स्कूलों की दैनिक आवश्यकताओं, रखरखाव और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जारी की गई है। लंबे समय से कई सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई, छोटे-मोटे मरम्मत कार्य और बुनियादी सुविधाओं के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब इस अनुदान से इन आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा।
किन कार्यों पर खर्च होगी अनुदान राशि
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अनुदान राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से—
• स्कूल परिसर की साफ-सफाई
• छोटे-मोटे मरम्मत कार्य
• पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था
• बिजली एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का रखरखाव
• फर्नीचर की मरम्मत
• विद्यालय परिसर की देखरेख
• नियमित संचालन से जुड़े आवश्यक खर्च पर राशि खर्च की जाएगी।
पारदर्शिता के साथ खर्च करने के निर्देश
इस संबंध में राज्य परियोजना कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि अनुदान राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाए। स्कूल प्रबंधन समितियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक खर्च का रिकॉर्ड संधारित किया जाए तथा समय-समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) भी प्रस्तुत किया जाए।
लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर माहौल
प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों को इस निर्णय का सीधा लाभ मिलेगा। स्कूलों में नियमित रखरखाव होने से विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
समग्र शिक्षा अभियान को मिलेगी मजबूती
राज्य सरकार लगातार समग्र शिक्षा अभियान के माध्यम से सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षण व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। 84.29 करोड़ रुपये की यह अनुदान राशि भी उसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।













