रायपुर। गुरुवार रात मुख्यमंत्रियों के साथ मंत्रियों की बैठक को लेकर जिस तरह की सियासी सनसनी फैली थी, वैसा कुछ अब तक दिखा नहीं। रात 2 बजे तक चली बैठक के बाद अधिकांश मंत्रियों ने इसे सामान्य मुलाकात ही बताया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में मुख्यमंत्री निवास पर करीब पांच घंटे तक चली सत्ता और संगठन की अहम बैठक देर रात समाप्त हुई। इस बैठक में सरकार और संगठन के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें मंत्रियों के कामकाज से लेकर भविष्य की राजनीतिक रणनीति तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई और “सुशासन तिहार” को लेकर फीडबैक लिया गया। इसके साथ ही सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने और “डबल इंजन सरकार” की रणनीति को और मजबूत करने पर भी मंथन हुआ।
बैठक में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मंत्रियों के व्यवहार को लेकर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों को लेकर संगठन की नाराजगी भी सामने आई, जिस पर खुलकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि भाजपा और सरकार के विभिन्न अभियानों की समीक्षा की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि संगठनात्मक विषयों, प्रभार जिलों और प्रशासनिक समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कोरिया हत्याकांड को निंदनीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इस लंबी बैठक ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में सरकार और संगठन दोनों ही अपनी रणनीति को और धारदार बनाने की तैयारी में हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बेहद अहम मानी जा रही है।










