रायपुर। कहते हैं, दुख इंसान से कुछ भी करवा देता है। भाई की संदिग्ध मौत का रहस्य जानने की बेचैनी में एक डॉक्टर ऐसे कथित तांत्रिक के जाल में फंस गए, जिसने न केवल उनके सवालों का जवाब नहीं दिया, बल्कि कथित तौर पर उनका बैंक बैलेंस भी हल्का कर दिया। मामला अब पुलिस तक पहुंच चुका है और करोड़ों की आस्था बेचने वाले बाबा फिलहाल दूसरे मामले में जेल में है, लेकिन उसकी एक से बढ़कर एक करतूत सामने आ रही है।
दरअसल गाजियाबाद निवासी डॉ. ऋषभ चौबे ने खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके साथ करीब 40 लाख रुपये की ठगी हुई है। आरोप है कि कथित तांत्रिक आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री, जिन्हें लोग ‘चावल वाले बाबा’ के नाम से जानते हैं, ने भाई की मौत का रहस्य बताने और विशेष अनुष्ठान कराने के नाम पर उनसे करीब 35 लाख रुपये नकद और एक एक्सयूवी वाहन ले लिया।
भाई की मौत का राज जानने पहुंचे, ठगी का शिकार हो गए
डॉ. ऋषभ के भाई की इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस घटना के बाद वे मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। इसी दौरान एक परिचित ने उन्हें छत्तीसगढ़ के तिल्दा-मांढर क्षेत्र में रहने वाले कथित तांत्रिक बाबा से मिलने की सलाह दी। आरोप है कि बाबा ने दावा किया कि वह आध्यात्मिक शक्ति के जरिए मौत का रहस्य बता देंगे। इसके बदले उन्होंने मोटी रकम और महंगी एसयूवी वाहन ‘भेंट’ के रूप में ले लिया। लेकिन न रहस्य सामने आया और न ही रकम वापस मिली।
‘चावल देखकर भविष्य’ बताने वाले बाबा पर पहले से कई मामले
आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री लंबे समय से “चावल देखकर भविष्य बताने” के दावों के कारण चर्चा में रहे हैं। लेकिन अब उनके खिलाफ आरोपों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जून 2026 में महासमुंद में एक महिला की शिकायत पर यौन उत्पीड़न के मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके अलावा उनके खिलाफ 10 से अधिक ठगी की शिकायतों की जांच चल रही है। पुलिस का कहना है कि नए मामलों में गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से अनुमति ली जाएगी। फिलहाल इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
भविष्य बताने का दावा, अपना भविष्य नहीं पढ़ पाए!
विडंबना यह है कि जो बाबा लोगों के घर के चावल देखकर उनका भविष्य बताने का दावा करते थे, वे अपना भविष्य नहीं देख पाए। अगर भविष्य देखने की शक्ति सचमुच होती, तो शायद उन्हें यह भी दिख जाता कि अब पुलिस की केस डायरी में उनका नाम लगातार मोटा होता जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दुख और अंधविश्वास का मेल अक्सर ठगी का सबसे आसान रास्ता बन जाता है। विज्ञान और तर्क के युग में भी चमत्कार के नाम पर करोड़ों का कारोबार करने वाले ऐसे कथित बाबाओं के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।










