धमतरी, 7 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ, ब्लॉक शाखा नगरी द्वारा मंगलवार को शक्ति सदन में सचिवों का 19वां स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह-2026 गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सेवानिवृत्त पंचायत सचिवों, सरपंचों और बड़ी संख्या में सचिवों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
समारोह के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत नगरी के अध्यक्ष महेश गोटा थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव संघ नगरी के अध्यक्ष अनित कुमार ध्रुव ने की। विशिष्ट अतिथियों में जनपद पंचायत नगरी के उपाध्यक्ष हृदय साहू, पंचायत महासंघ नगरी के अध्यक्ष रूपेश कुमार ध्रुव, सरपंच संघ नगरी के अध्यक्ष उमेश देव, पंचायत महासंघ के पूर्व अध्यक्ष रामप्रसाद मरकाम, जनपद पंचायत नगरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित बोरझा, कार्यक्रम अधिकारी आयुष झा, अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन नगरी के ब्लॉक संयोजक डोमार सिंह ध्रुव, रोजगार सहायक संघ नगरी के अध्यक्ष डोमार सिंह देवांगन, सेवानिवृत्त पंचायत सचिव बालाराम नरेटी एवं देवसिंह सोरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां दंतेश्वरी माई, गैंदसिंह नायक एवं भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात कलाकार भरोस साहू एवं उनकी टीम ने मां सरस्वती वंदना तथा छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार” की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा सभागार भक्तिमय और सांस्कृतिक माहौल से गूंज उठा। इसके बाद मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
अपने संबोधन में अतिथियों ने पंचायत सचिवों की कार्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में पंचायत सचिवों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ग्रामीण विकास, शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, हितग्राहियों तक जानकारी पहुंचाने तथा ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सचिवों का योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी सचिव पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य करते हैं।
सरपंच संघ नगरी के अध्यक्ष उमेश देव ने कहा कि पंचायत सचिवों के बिना ग्रामीण विकास की कल्पना अधूरी है। सचिव गांवों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने सचिवों की लंबे समय से लंबित शासकीयकरण की मांग को न्यायोचित बताते हुए कहा कि सरपंच संघ इस मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगा।
7 जुलाई का ऐतिहासिक महत्व…
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि 7 जुलाई 2007 पंचायत सचिव संगठन के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन जांजगीर-चांपा में आयोजित प्रदेश पंचायत सचिव सम्मेलन में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पंचायत कर्मियों को ग्राम पंचायत सचिव के रूप में मान्यता प्रदान करने तथा उनके वेतनमान एवं पे-ग्रेड निर्धारण से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। इससे पहले उन्हें मुख्यतः पंचायत कर्मी के रूप में जाना जाता था। इस ऐतिहासिक निर्णय को सचिव संगठन ने अपनी बड़ी उपलब्धि माना और तभी से प्रत्येक वर्ष 7 जुलाई को स्थापना दिवस (सचिव दिवस) के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर सचिवों का सम्मान किया गया तथा संगठन की उपलब्धियों, लंबित मांगों—विशेषकर शासकीयकरण—पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जनहित एवं समाजसेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।










