धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। सड़क, बिजली और पुल-पुलिया जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट घेराव के लिए धमतरी की ओर कूच कर चुके हैं। इस बड़े आंदोलन को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कई गांवों से उमड़ा जनसैलाब
जानकारी के अनुसार रिसगांव, खल्लारी, ठेनही, मेचका, अरसीकन्हार सहित कई गांवों के ग्रामीण इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उनकी मांगें अधूरी पड़ी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई।
विकास कार्यों को लेकर नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि उनके क्षेत्रों में आज भी सड़क, बिजली और पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति की अगुवाई
इस आंदोलन का नेतृत्व जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति कर रही है। समिति के बैनर तले ग्रामीण एकजुट होकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी
ग्रामीण बड़ी संख्या में धमतरी पहुंच रहे हैं और कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी कर रहे हैं। इसे लेकर प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।ग्रामीणों का यह आंदोलन साफ तौर पर दर्शाता है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी अब एक बड़े जनआक्रोश में बदल चुकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाता है और ग्रामीणों की मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है।










