धमतरी। जिले में ऐसा बहुत ही कम देखने या सुनने को मिलता है कि जब कोई बडे़ अधिकारी पदभार ग्रहण करते ही सुदूर वनांचल क्षेत्रों का दौरान करने निकल पड़े, धमतरी जिला पंचायत के नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जयंत नाहटा ने ज़िम्मेदारी संभालने के महज कुछ दिनों के भीतर जिले के अंतिम छोर नगरी विकासखंड के दूरस्थ सुदूर गांवों का सघन दौरा किया, इस दौरान उनके साथ कई अधिकारी,कर्मचारी भी मौजूद रहे।
बताया गया कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा, कृषि, जनजातीय विकास एवं ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा की,इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
वहीं सीईओ ने ग्राम सियादेही के लईका घर, उचित मूल्य दुकान तथा पिपराहीभर्री के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया, साथ ही कमार जनजाति के परिवारों से मुलाकात कर उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की जानकारी ली।
बताया गया कि दुगली में आदिमजाति सेवा सहकारी समिति में खाद, बीज और उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए किसानों को समय पर कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए,एग्रीस्टैक कार्य में लापरवाही और अनुपस्थित पाए गए पटवारी पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं नगरी मॉडल लाइब्रेरी, शासकीय माध्यमिक विद्यालय बोड़रा और सांकरा हाईस्कूल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया। बोड़रा स्कूल में बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन कर उसकी गुणवत्ता भी परखी तथा अध्ययनरत छात्राओं की अंग्रेजी भाषा दक्षता की सराहना की।
मसानडबरा स्थित पीएम-जनमन योजना के तहत बने मॉडल आवासीय परिसर का निरीक्षण कर गार्डन, पौधरोपण एवं बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए। वहीं सांकरा में मखाना उत्पादन एवं पर्यटन विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने को कहा।
दौरे के दौरान जिले के अंतिम छोर पर ग्राम खल्लारी पहुंचे,जहां सबसे पहले मन्दिर पहुंचकर मां काली का दर्शन कर आशीर्वाद लिए, जिसके बाद ग्रामीणों से संवाद के दौरान सड़क, पुलिया, आंगनबाड़ी भवन, स्कूलों में शौचालय, स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्ति, सोलर विद्युत व्यवस्था एवं खाद्य गोदाम निर्माण जैसी मांगें सामने आईं। सीईओ ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए,इस दौरान ग्रामीणों संग पैदल चलकर गरांजी, करही और सोंढूर नदी तक पहुंचकर वहां की भागौलिक स्थिती और समस्याओं को जाना,इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि ऐसा आज तक नहीं हुआ है,जब कोई बडे़ अफसर ज़िले की कमान संभालने के कुछ ही बाद ही दूरस्थ इलाके में पहुंचता हो, लेकिन आप हमारे बीच पहुंचकर हमारी समस्याओं को सुना,जिसके लिए लोगों सीईओ का धन्यवाद और आभार भी व्यक्त किया, इस दौरान कई जगहों पर ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत सम्मान किया।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के कार्यपालन अभियंता रामनारायण राठौर, पंचायत विभाग के उपसंचालक नकुल प्रसाद जायसवाल, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त विमल साहू, जनपद पंचायत नगरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित बोर्झा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










