तिरुवल्लूर (तमिलनाडु): तिरुवल्लूर जिले में एक झींगा एक्सपोर्ट फैक्ट्री में भयानक हादसा हो गया। अमोनिया गैस लीक होने से सात मजदूरों की जान चली गई, जबकि कईयों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। कई मजदूरों को चेन्नई रेफर किये जाने की खबर आ रही है। प्रशासन के मुताबिक अभी 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में मानिटर के तौर पर रखा गया है।
इस घटना को लेकर पुलिस ने बताया कि तिरुवल्लूर जिले में पेरियापलायम के पास एक गांव में एक प्राइवेट झींगा एक्सपोर्ट फैक्ट्री चलती है। रविवार की दोपहर अचानक से फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक हो गई। कुछ ही मिनटों में, साइट पर काम कर रहे कर्मचारी एक के बाद एक बेहोश होने लगे।
इसके बाद, लोगों की मदद से, उन्हें दो स्थानीय प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स से पता चलता है कि 40 से ज्यादा लोग हॉस्पिटल में भर्ती हैं। घटना की जानकारी मिलते ही अरक्कोनम स्थित NDRF की चौथी बटालियन मुख्यालय से 30 सदस्यों वाली NDRF की टीम को मौके पर भेजा गया।
हालात के मद्देनजर NDRF टीम गैस डिटेक्शन डिवाइस, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु (CBRN) आपदा से निपटने वाले विशेष उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। PTI की रिपोर्ट के अनुसार हादसे में 7 महिला कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 65 से ज्यादा घायल हैं। घायलों में भी 9 वेंटिलेटर पर हैं। गैस रिसाव की घटना सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स यूनिट में हुई।
इस घटना को लेकर जिला कलेक्टर एस. कविता ने बताया कि 46 मरीजों को वेल्स हॉस्पिटल और 21 मरीजों को वेंकटेश्वरा हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है। इनमें से नौ गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए एम्बुलेंस के जरिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है।
हादसे का शिकार हुई अधिकांश कर्मचारी 24 से 25 वर्ष की युवा महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की नाड़ी और रक्तचाप की निगरानी की जा रही है। हालांकि कई मरीजों का ब्लड प्रेशर कम है, लेकिन उनकी कम उम्र को देखते हुए उनके स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है।










