Bilaspur Flood News 2026 रायपुर/बिलासपुर/जांजगीर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे ज्यादा प्रभावित बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले हैं, जहां जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों जिलों के कलेक्टरों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों तक हर जरूरी सहायता समय पर पहुंचाई जाएगी।
मुख्यमंत्री बोले- राहत कार्यों में नहीं होनी चाहिए कोई ढिलाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सहायता बिना किसी देरी के पहुंचाई जाए। साथ ही जलनिकासी, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ हालात पर नजर रखे हुए है तथा आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति पर राज्य सरकार पूरी गंभीरता के साथ लगातार नजर बनाए हुए है।
जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 17, 2026
बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात
लगातार बारिश के कारण बिलासपुर शहर में पिछले दो दशकों में पहली बार बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए हैं। सरकंडा और चांटीडीह के निचले इलाकों से 40 से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर पानी में डूब जाने से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है और ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
रेलवे ट्रैक डूबे, कई ट्रेनें रद्द
भारी बारिश का असर रेलवे संचालन पर भी पड़ा है। रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण 5 MEMU ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 3 ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
24 घंटे में 74.7 मिमी बारिश, सीपत में सबसे ज्यादा वर्षा
जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 74.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 110.2 मिमी वर्षा सीपत क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण दोमुहानी में 10 से अधिक घर टापू बन गए, जहां परिवार पूरी रात पानी से घिरे रहे।वहीं अरपा चेक डैम की नहर टूटने से देवरीखुर्द, मानिकपुर और आसपास के इलाकों में पानी घुस गया, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जांजगीर-चांपा में भी बिगड़े हालात
जांजगीर-चांपा जिले में भी पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर नगर सैनिकों की तैनाती की है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य किया जा सके।
जलभराव से लोगों की बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों की सड़कों, गलियों और चौक-चौराहों पर पानी भर गया है। कई स्थानों पर नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से जलनिकासी बाधित हुई, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।नैला मार्ग पर घुटनों तक पानी भर जाने से वाहनों और पैदल चलने वालों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
प्रशासन अलर्ट, राहत अभियान जारी
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा रही है।










