Raj Jewellers Loot Case। सलवार शूट पहनकर ज्वेलरी शॉप लूटने वाला लूटेरा आखिरकार पकड़ा गयी है। दरअसल सलवार शूट वाले लूटेरे को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही थी, लेकिन घटना के करीब 18 दिन बाद आखिरकार मास्टरमाइंड लूटेरा विष्णु राठिया पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पूरा मामला कोरबा जिले के छुरीकला स्थित राज ज्वेलर्स लूटकांड से जुड़ा है। जहां महिला के ड्रेस में मास्टरमाइंड विष्णु राठिया अपने तीन साथियों के साथ लूट के इरादे से पहुंचा था। अब आरोपी को कर्नाटक बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले इस मामले में दो अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस के मुताबिक वारदात के दौरान सलवार-सूट पहनकर महिला के भेष में ज्वेलरी दुकान पहुंचने वाला मास्टरमाइंड विष्णु राठिया को पुलिस की विशेष टीम ने कर्नाटक सीमा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था।इस मामले में गोपाल सिंह गोंड और परदेशी राठिया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
महिला बनकर पहुंचा था ज्वेलरी दुकान
घटना 1 जुलाई 2026 को कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरीकला स्थित राज ज्वेलर्स में हुई थी। दुकान संचालक राजकुमार अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि दोपहर करीब एक बजे बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर तीन लोग ग्राहक बनकर दुकान पहुंचे। तीनों ने चेहरे गमछे से ढक रखे थे, जबकि उनमें से एक सलवार-सूट पहनकर महिला के वेश में आया था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ।आरोपियों ने चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार को काउंटर तक बुलाया और फिर लूट की कोशिश शुरू कर दी।
कट्टा ताना, मिर्च पाउडर फेंकने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने दुकान का दरवाजा बंद कर दिया, दूसरे ने देशी कट्टा निकालकर दुकानदार की छाती पर तान दिया, जबकि तीसरे आरोपी ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर डालने की कोशिश की और जेवर बैग में भरने लगा।इसी दौरान बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालात बिगड़ते देख तीनों आरोपी देशी कट्टा और चोरी की मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले
घटना के बाद पुलिस ने व्यापक जांच अभियान चलाया। शहर और आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी और साइबर जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर के जंगलों के रास्ते लगातार ठिकाना बदल रहे थे। आखिरकार पुलिस की विशेष टीम ने कर्नाटक बॉर्डर पर घेराबंदी कर विष्णु राठिया को गिरफ्तार कर लिया।
जेल में हुई दोस्ती, फिल्म से मिला आइडिया
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि तीनों आरोपी पहले भी हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं। जेल में ही उनकी दोस्ती हुई और रिहा होने के बाद उन्होंने मिलकर लूट की साजिश रची।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फिल्म ‘आंखें’ से प्रेरणा लेकर वारदात की योजना बनाई थी। लूट के लिए चोरी की मोटरसाइकिल और देशी कट्टे का इस्तेमाल किया गया था।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।










