रायपुर। कांग्रेस भवन घेराव के दौरान भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ता एक-दूसरे के आमने सामने आ गयी। टकराव काफी बढ़ता जा रहा था, लिहाजा पुलिस को भी हलका बल प्रयोग करना पड़ा। बुधवार शाम पुलिस विभाग की तरफ से जानकारी आयी कि इस प्रोटेस्ट के दौरान 16 पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। इधर, राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच हुए राजनीतिक टकराव के बाद मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर गर्मा गया है।
पुलिस ने प्रदर्शन और झड़प के मामले में 12 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। वहीं, कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करार देते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिस पर हमला और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
12 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज
पुलिस ने भाजपा के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पुलिसकर्मियों के घायल होने के मामले में 12 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। जिन प्रमुख नेताओं के नाम एफआईआर में शामिल हैं, उनमें—
- सुनील कुकरेजा
- विनोद तिवारी
- आकाश तिवारी
- हनी बग्गा
- अमित तिवारी
- सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल हैं।
प्रदर्शन में घायल हुए पुलिसकर्मी
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में एक सब-इंस्पेक्टर सहित 16 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें एक जवान के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जानने के लिए पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला भी अस्पताल पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
डिप्टी सीएम अरुण साव का कांग्रेस पर हमला
मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह का व्यवहार किया, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- भाजपा के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डंडे लहराए।
- कांग्रेस पुलिस प्रशासन को धमकाने का काम कर रही है।
- उनकी धमकियों से कोई डरने वाला नहीं है।
- सड़क हो या सदन, कांग्रेस का आचरण एक जैसा रहता है।
- छत्तीसगढ़ शांति और सद्भावना का प्रदेश है और जनता कांग्रेस के इस व्यवहार का जवाब देगी।
कांग्रेस का पलटवार, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने भी सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला।कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पुलिस का रवैया तानाशाहीपूर्ण और पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है।
उन्होंने कहा—
- पुलिस यह न भूले कि देश लोकतंत्र है।
- आज भाजपा की सरकार है, कल कांग्रेस की भी सरकार आ सकती है।
- छत्तीसगढ़ पुलिस भाजपा के संगठन की तरह काम कर रही है।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए और लाठियों से पीटा गया।
- पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस छोड़ी।
- घायल कांग्रेस कार्यकर्ता हुए, लेकिन एफआईआर भी उन्हीं के खिलाफ दर्ज कर दी गई।
- झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।
राज्यपाल से शिकायत करेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी इस पूरे मामले को लेकर राज्यपाल से शिकायत करेगी और न्याय की मांग करेगी।
राजनीतिक माहौल गरमाया
भाजपा और कांग्रेस के बीच इस टकराव के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर भाजपा इसे कानून-व्यवस्था और पुलिस पर हमले का मामला बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है। अब इस मामले में आगे की पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।



















