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धमतरी : पिता की विरासत को बेटे ने संभाला ‘ चिरपोटी टमाटर ’ को मिली नई पहचान,PPV & FRA में हुआ कृषक किस्म का पंजीयन, किसान बंशीलाल सोरी को कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किया सम्मानित.

September 1, 2026 2:13 PM
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धमतरी, 01 सितम्बर 2026। जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम गुहनानाला के किसान बंशीलाल सोरी द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित स्थानीय एवं पारंपरिक ‘चिरपोटी टमाटर’ किस्म को पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA) के अंतर्गत पंजीयन के माध्यम से आधिकारिक पहचान मिली है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए आज कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बंसी लाल सोरी को इस उपलब्धि के लिए साल-पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा यह उपलब्धि न केवल एक विशिष्ट स्थानीय फसल किस्म के संरक्षण की पहचान है, बल्कि किसानों के पारंपरिक कृषि ज्ञान, बीज संरक्षण की परंपरा और स्थानीय कृषि जैव-विविधता को संरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

पिता से मिली विरासत को आगे बढ़ा रहे बंसी लाल सोरी।

बंशी लाल सोरी के परिवार में ‘चिरपोटी टमाटर’ का संरक्षण एवं उत्पादन उनके स्वर्गीय पिता मंगलू राम सोरी के समय से किया जा रहा है। स्वर्गीय मंगलू राम सोरी वर्षों तक इस स्थानीय किस्म के बीज को सुरक्षित रखते हुए इसका उत्पादन करते रहे। उनके निधन के बाद बंशीलाल सोरी ने अपने पिता की इस पारंपरिक कृषि विरासत को आगे बढ़ाया और ‘चिरपोटी टमाटर’ के बीज का संरक्षण एवं उत्पादन निरंतर जारी रखा।

पीढ़ियों से संरक्षित यह स्थानीय किस्म इस बात का उदाहरण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपने अनुभव और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप फसल किस्मों को किस प्रकार संरक्षित करते रहे हैं। ऐसे पारंपरिक बीज स्थानीय कृषि व्यवस्था और कृषि जैव-विविधता की महत्वपूर्ण धरोहर हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से मिली आधिकारिक पहचान।

‘चिरपोटी टमाटर’ किस्म के दस्तावेजीकरण और पंजीयन की प्रक्रिया में कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। केंद्र के माध्यम से किस्म से संबंधित जानकारी एकत्रित करने, दस्तावेजीकरण तथा आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया में सहयोग दिया गया। PPV & FRA प्रभारी प्रेमलाल साहू के माध्यम से कृषक किस्म के पंजीयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

प्राप्त पंजीयन प्रमाण-पत्र के अनुसार ‘चिरपोटी टमाटर’ का Registration No. REG/2016/1380 है। इसका आवेदन 07 सितम्बर 2016 को दाखिल किया गया था तथा किस्म का पंजीयन 08 जनवरी 2024 को प्रदान किया गया। अब इस पंजीयन के माध्यम से वर्षों से किसान परिवार द्वारा संरक्षित इस स्थानीय किस्म को औपचारिक पहचान एवं कृषक अधिकारों के संरक्षण का आधार प्राप्त हुआ है।

पंजीयन से किसानों के पारंपरिक अधिकारों को मिलता है संरक्षण।

PPV & FRA के अंतर्गत कृषक किस्म के पंजीयन से किसानों द्वारा संरक्षित स्थानीय एवं पारंपरिक फसल किस्मों को आधिकारिक पहचान मिलती है। इसके साथ ही निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत कृषक अधिकारों के संरक्षण, पारंपरिक बीजों एवं फसल किस्मों के संरक्षण तथा कृषि जैव-विविधता को बढ़ावा देने में सहायता मिलती है।

ऐसे पंजीयन से किसानों के पारंपरिक कृषि ज्ञान और अनुभव को भी मान्यता मिलती है। पंजीकृत किस्मों के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और आगे के उपयोग के लिए अवसर उपलब्ध होते हैं। साथ ही अन्य किसानों को भी अपने क्षेत्र में लंबे समय से संरक्षित विशिष्ट स्थानीय एवं पारंपरिक फसल किस्मों के दस्तावेजीकरण एवं पंजीयन के लिए प्रोत्साहन मिलता है। पात्रता एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कृषकों को Recognition and Reward जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किए जाने का भी प्रावधान है।

धमतरी की कृषि विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि।

‘चिरपोटी टमाटर’ का पंजीयन धमतरी जिले की कृषि विविधता और पारंपरिक बीज संरक्षण की समृद्ध परंपरा को पहचान दिलाने वाली उपलब्धि है। स्थानीय परिस्थितियों में किसानों द्वारा लंबे समय से संरक्षित ऐसी फसल किस्में क्षेत्र की कृषि संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और जैव-विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

बंशीलाल सोरी द्वारा अपने स्वर्गीय पिता मंगलू राम सोरी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ‘चिरपोटी टमाटर’ का संरक्षण करना विशेष रूप से सराहनीय है। इस उपलब्धि से जिले के अन्य किसानों को भी अपनी स्थानीय एवं विशिष्ट फसल किस्मों को संरक्षित करने और उनके दस्तावेजीकरण एवं पंजीयन की दिशा में आगे आने की प्रेरणा मिलेगी।

इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ईश्वर सिंह, सहायक संचालक कृषि मनोज सागर, (पादप किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण ) PPV&FRA प्रभारी प्रेमलाल साहू एवं डॉ. दीपिका चंद्रवंशी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों एवं कृषि विशेषज्ञों ने बंशीलाल सोरी को ‘चिरपोटी टमाटर’ के संरक्षण एवं पंजीयन के लिए बधाई दी।

स्थानीय किस्मों के संरक्षण के लिए किसानों से अपील।

कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी द्वारा जिले के किसानों से अपील की गई है कि यदि उनके पास लंबे समय से संरक्षित कोई विशिष्ट स्थानीय अथवा पारंपरिक फसल किस्म, बीज या कृषि संसाधन उपलब्ध है, तो उसकी जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र तक पहुंचाएं। ऐसी किस्मों के संबंध में आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, दस्तावेजीकरण तथा PPV & FRA के अंतर्गत पंजीयन की संभावनाओं पर किसानों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

‘चिरपोटी टमाटर’ का पंजीयन इस बात का संदेश है कि किसान के खेत में पीढ़ियों से सुरक्षित रखा गया बीज केवल फसल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी कृषि परंपरा, स्थानीय ज्ञान और जैव-विविधता की जीवंत विरासत भी है।

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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