रायपुर। छत्तीसगढ़ में जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के नियमित पदस्थापन का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। राज्य के कई जिलों में नियमित डीईओ की नियुक्ति के बजाय एडिश्नल चार्ज (प्रभार) के भरोसे शिक्षा व्यवस्था संचालित की जा रही है। अब दुर्ग भी उन जिलों की सूची में शामिल हो गया है, जहां नियमित नियुक्ति की जगह अस्थायी व्यवस्था की गई है।
दुर्ग के जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। उनके रिटायर होने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सहायक संचालक जगजीत धीर को अगले आदेश तक दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। इसके साथ ही उन्हें डीडीओ (Drawing and Disbursing Officer) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
एक के बाद एक जिलों में एडिश्नल चार्ज
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई जिलों में नियमित डीईओ की नियुक्ति नहीं की गई।
• बलौदाबाजार में भी कल ही कुमार सिंह मेरावी एडिश्नल चार्ज का आदेश जारी किया गया।
• बिलासपुर में भी नियमित पोस्टिंग के बजाय डॉ. अजय कौशिक को प्रभार सौंपा गया।
लगातार तीसरे जिले में इस तरह की व्यवस्था से यह सवाल उठने लगा है कि आखिर शिक्षा विभाग नियमित जिला शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति क्यों नहीं कर रहा है।
नियमित पोस्टिंग पर सवाल
शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नियमित डीईओ की नियुक्तियां कब होंगी। लगातार अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यों की गति और निर्णय प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
शिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि यदि नियमित नियुक्तियां जल्द नहीं होती हैं, तो जिलों में प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शिक्षा संबंधी कई महत्वपूर्ण निर्णय भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।




















