बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में कार्यरत प्राथमिक और मिडिल स्कूल के शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति से जुड़ी विसंगतियों और स्थानीय स्तर की लंबित समस्याओं को लेकर शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चे ने बेमेतरा में रैली और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी, बेमेतरा को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ और सर्व शिक्षक संघ के पदाधिकारी शामिल रहे। शिक्षकों ने शासन और प्रशासन से सेवा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का निराकरण करने तथा पदोन्नति प्रक्रिया में सामने आ रही विसंगतियों को दूर करने की मांग की।
साल में दो बार TET आयोजित करने की मांग
शिक्षक संगठनों की प्रमुख मांग है कि सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए NCTE के समन्वय से हर साल कम से कम दो बार विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की जाए।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि नियमित रूप से TET का आयोजन होने से सेवारत शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने और पात्रता पूरी करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकेंगे। इससे TET से संबंधित सेवा सुरक्षा के मामलों में भी राहत मिल सकती है।
2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से पूरी छूट देने की मांग
शिक्षकों ने RTE लागू होने से पहले यानी वर्ष 2011 से पहले भर्ती नियमों के तहत नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त रखने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि लंबे समय से सेवा दे रहे ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू भर्ती नियमों के तहत हुई थी। इसलिए उन्हें वर्तमान में TET की अनिवार्यता से राहत दी जानी चाहिए।
वरिष्ठता के आधार पर हो पदोन्नति, 2028 तक मिले समय
शिक्षक संगठनों ने वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की मांग भी रखी है। साथ ही TET उत्तीर्ण करने के लिए शिक्षकों को 1 सितंबर 2028 तक पर्याप्त समय दिए जाने की मांग की गई है।
शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता को उचित महत्व दिया जाना चाहिए और TET से जुड़ी पात्रता पूरी करने के लिए सेवारत शिक्षकों को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
पदोन्नति काउंसलिंग में TET की जानकारी मांगने पर विरोध
ज्ञापन में पदोन्नति काउंसलिंग को लेकर भी शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज कराई। शिक्षक संगठनों के अनुसार मार्च 2026 में पदोन्नति सूची जारी होने के बाद 11 अगस्त 2026 के आदेश के माध्यम से काउंसलिंग के लिए अचानक TET की जानकारी मांगी गई।
शिक्षकों ने इसका विरोध करते हुए संबंधित आदेश में संशोधन करने की मांग की है। उनका कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया के बीच इस तरह TET संबंधी जानकारी मांगे जाने से शिक्षकों के सामने नई विसंगति पैदा हुई है।
मुख्यमंत्री शिक्षक अलंकरण पुरस्कार और बालवाड़ी मानदेय का मुद्दा भी उठा
शिक्षकों ने ज्ञापन के माध्यम से जिले की कुछ स्थानीय समस्याओं की ओर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया। इनमें सत्र 2025-26 के पात्र शिक्षकों को अब तक मुख्यमंत्री शिक्षक अलंकरण पुरस्कार नहीं दिए जाने का मुद्दा प्रमुख रहा।
इसके अलावा सत्र 2025-26 के बालवाड़ी केंद्रों का लंबित मानदेय तत्काल जारी करने की मांग भी की गई।
शिक्षकों ने विभागीय सूचनाओं के समय पर संप्रेषण की व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि कई बार जानकारी समय पर नहीं मिलने के कारण शिक्षक निर्धारित समयसीमा में आवश्यक जानकारी जमा नहीं कर पाते हैं। इसलिए विभागीय सूचना तंत्र को दुरुस्त किया जाना चाहिए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे की रणनीति बनाएगा शिक्षक संवर्ग
शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इनके समाधान के लिए शासन स्तर पर त्वरित पहल की आवश्यकता है। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक संवर्ग आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करने के लिए मजबूर होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि शिक्षा सचिव, नवा रायपुर और कलेक्टर बेमेतरा को भी प्रेषित की गई है।
रैली-धरना प्रदर्शन में ये शिक्षक नेता और शिक्षक रहे मौजूद
आज के रैली और धरना-प्रदर्शन में रविन्द्र राठौर प्रान्त अध्यक्ष, मनीष मिश्रा प्रान्तीय संयोजक, विकास राजपूत प्रान्त अध्यक्ष नवीन शिक्षक संघ, मोहम्मद यासीर इरफान प्रान्तीय प्रवक्ता सर्व शिक्षक संघ, देवेंद्र हरमुख उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, बसंत कौशिक कार्यकारी प्रान्त अध्यक्ष, अश्वनी कुर्रे कार्यकारी प्रान्त अध्यक्ष, सिराज बख्स कार्यकारी प्रान्त अध्यक्ष, आदित्य गौरव प्रदेश महासचिव, प्रेम नारायण शर्मा जिला अध्यक्ष कवर्धा, अशोक कुमार धुर्वे प्रान्तीय मीडिया प्रभारी और पोखान साहू जिला अध्यक्ष बेमेतरा शामिल रहे।
इसके अलावा चन्द्र शेखर पटेल, अजय यादव, गंगाधर दुबे, बाबूलाल गोयल, चन्द्रशेखर पटेल, गेंदराम वर्मा, ओम नारायण साहू, राजा वर्मा, दीपक राजपूत, पुरनेन्द्र तिवारी, मनीष पाटील, सुनील साहू, श्रीमती सुकन्या राजपूत, सुनीता साहू, नुतेश्वर चंद्राकर सहित सैकड़ों शिक्षक प्रदर्शन में उपस्थित रहे।
शिक्षक संगठनों ने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान कराना है। अब सभी की नजरें शासन और शिक्षा विभाग की ओर से इन मांगों पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।



















