रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों की सड़क सुरक्षा को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूलों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ छुट्टी के समय बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल से बाहर निकालने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों को दी जाएगी। यह निर्देश सड़क हादसों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश में सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने कहा गया है। आदेश में स्कूलों में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
छुट्टी के बाद बच्चों को कतार में निकालेंगे शिक्षक
आदेश के मुताबिक, स्कूल की छुट्टी के बाद छात्रों को क्रमबद्ध तरीके से विद्यालय से बाहर निकालने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे जल्दबाजी में स्कूल से बाहर न निकलें और सड़क पर पहुंचते समय सुरक्षित रहें।
इसके अलावा, स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्लबों के माध्यम से शिक्षकों और यातायात अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित जरूरी जानकारी दी जाएगी। इस गतिविधि में अभिभावकों को भी शामिल करने को कहा गया है।
दोपहिया से आने वाले छात्रों पर भी नजर
लोक शिक्षण संचालनालय ने दोपहिया वाहनों से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ऐसे विद्यार्थियों के पास ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट होना अनिवार्य किया गया है। आदेश में कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जाए और उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया जाए।

NCC, NSS और स्काउट गाइड भी करेंगे सहयोग
सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में NCC, NSS, यूनिसेफ और स्काउट गाइड को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इन संगठनों के सहयोग से विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देने और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
स्कूल शिक्षा विभाग के इन निर्देशों का मुख्य फोकस बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान सुरक्षित रखना है। खासतौर पर स्कूल की छुट्टी के समय सड़क पर अचानक बच्चों की भीड़ न हो और वे सुरक्षित तरीके से विद्यालय परिसर से बाहर निकलें, इसके लिए शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों के बीच विभाग का यह कदम स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अहम माना जा रहा है। अब स्कूलों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि सड़क पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही न हो।



















