रायपुर: शिक्षकों के तबादले से जुड़ी एक बड़ी खबर है। फर्जी आदेश से 19 शिक्षकों का तबादला किये जाने की खबर से विभाग में हड़कंप मचा है। जानकारी के मुताबिक अब इस फर्जी तबादला आदेश को लेकर विभाग बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। विभाग की तरफ से जिला शिक्षा अधिकारियों को कड़ा पत्र जारी किया गया है, इस पत्र में कहा है गया है कि छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश जारी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है।
विभागीय फर्जी लेटर हेड, फर्जी पदमुद्रा (सील) और अवर सचिव के फर्जी हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर 19 शिक्षकों के स्थानांतरण का फर्जी आदेश जारी किया गया था। मामला उजागर होने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सख्त रुख अपनाते हुए 15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी कर जांच शुरू कर दी है। DPI की तरफ से 15 जिलों के DEO डिप्टी डायरेक्टर को पत्र जारी कर 3 दिनों के भीतर जानकारी मांगी है इस मामले में डिप्टी डायरेक्टर एएन बंजारा ने बताया कि, अभी जिलों से इस संबंध में जानकारी नहीं आई है।
फर्जी हस्ताक्षर और लेटर हेड का दुरुपयोग
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश पत्र के अनुसार, अज्ञात व्यक्तियों द्वारा विभागीय लेटर हेड तथा छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आर.पी. वर्मा की फर्जी पदमुद्रा और हस्ताक्षर का उपयोग किया गया। इसके माध्यम से फर्जी स्थानांतरण आदेश (क्रमांक ESTB-102/755/2026/20-3, दिनांक 06-08-2026) तैयार कर कुल 19 शासकीय सेवकों का फर्जी तबादला दर्शाया गया था।
15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को 3 दिन का अल्टीमेटम
लोक शिक्षण संचालनालय के उप संचालक (अशोक नारायण बंजारा द्वारा अनुमोदित) ने दिनांक 14/10/2026 को पत्र जारी कर 17 प्रमुख जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को 3 दिनों के भीतर विस्तृत जानकारी एवं प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जिन जिलों के DEO को पत्र भेजा गया है, उनमें शामिल हैं:
• बलौदाबाजार-भाटापारा
• दुर्ग
• बेमेतरा
• बस्तर
• सारंगढ़-बिलाईगढ़
• गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही
• रायपुर
• बलरामपुर-रामानुजगंज
• राजनांदगांव
• उत्तर बस्तर कांकेर
• बालोद
• कबीरधाम
• धमतरी
• सरगुजा
• खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई
DEO से मांगे गए इन 3 प्रमुख बिंदुओं पर जवाब
संचालनालय ने सभी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों से निम्नलिखित जानकारियां 3 दिनों के भीतर मांगी हैं:
1. प्राप्ति का माध्यम: संलग्न फर्जी स्थानांतरण आदेश उनके कार्यालय में किस माध्यम से प्राप्त हुआ था?
2. कार्यमुक्ति/कार्यभार की स्थिति: उक्त फर्जी आदेश के आधार पर किन-किन कर्मचारियों द्वारा कार्यमुक्ति या कार्यभार ग्रहण करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया, और कितनों को कार्यमुक्त या कार्यभार ग्रहण कराया जा चुका है? (सूची व दस्तावेजों सहित)
3. कार्रवाई की मांगी जानकारी: आदेश फर्जी होने की जानकारी मिलने के पश्चात संबंधित कार्यालय द्वारा इस प्रकरण में क्या-क्या कार्रवाई की गई है?
Skip to PDF contentबड़ी कार्रवाई की कार्रवाई
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि फर्जी स्थानांतरण का लाभ लेने की कोशिश करने वाले तथा इसमें संलिप्त सभी संबंधित शासकीय सेवकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फर्जीवाड़ा करने वालों और इसका अनुचित लाभ उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।











