रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में वर्ष 2027 के दौरान बड़े पैमाने पर व्याख्याताओं की सेवानिवृत्ति होने जा रही है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, प्रदेश के ई (E) और टी (T) संवर्ग के कुल 502 व्याख्याता एवं व्याख्याता (एल.बी.) अधिवार्षिकी आयु पूरी करने के बाद शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होंगे। इन सेवानिवृत्तियों का असर प्रदेश के शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की अध्यापन व्यवस्था पर पड़ सकता है।
Skip to PDF contentई और टी संवर्ग के 502 व्याख्याता होंगे सेवानिवृत्त
लोक शिक्षण संचालनालय, इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेशों में दोनों संवर्गों के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने वाले व्याख्याताओं का विवरण दिया गया है।
• ई (E) संवर्ग: इस संवर्ग के कुल 341 व्याख्याता एवं व्याख्याता (एल.बी.) वर्ष 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। इनमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, धमतरी और महासमुंद सहित विभिन्न जिलों में पदस्थ शिक्षक शामिल हैं।
• टी (T) संवर्ग: इस संवर्ग के कुल 161 व्याख्याता एवं व्याख्याता (एल.बी.) अपनी अधिवार्षिकी आयु पूरी कर सेवानिवृत्त होंगे। इनमें बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षक शामिल हैं।
इस प्रकार, दोनों संवर्गों को मिलाकर वर्ष 2027 में कुल 502 व्याख्याता सेवानिवृत्त होंगे।
जनवरी से दिसंबर तक चरणबद्ध तरीके से होगी सेवानिवृत्ति
जारी आदेशों के अनुसार, व्याख्याताओं की सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया जनवरी 2027 से दिसंबर 2027 तक चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी। सेवानिवृत्ति की तिथियां संबंधित कर्मचारियों की अधिवार्षिकी आयु पूर्ण होने के आधार पर निर्धारित की गई हैं।विभागीय विवरण के अनुसार, वर्ष के शुरुआती महीनों से ही सेवानिवृत्तियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा और दिसंबर 2027 तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
सेवा अभिलेखों के सत्यापन और पेंशन प्रकरणों को समय पर पूरा करने के निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय ने संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और कोषालय अधिकारियों को सेवानिवृत्त होने वाले व्याख्याताओं के सेवा अभिलेखों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पेंशन प्रकरणों और सेवानिवृत्ति से संबंधित अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को निर्धारित समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया है।निर्देशों के अनुसार, यदि सूची में किसी पात्र व्याख्याता का नाम छूट गया है, तो संबंधित अधिकारी को उसका प्रस्ताव तत्काल संचालनालय को भेजना होगा, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
शिक्षकों की कमी दूर करना विभाग के लिए होगी चुनौती
एक ही वर्ष में 502 व्याख्याताओं की सेवानिवृत्ति से प्रदेश के शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और अध्यापन व्यवस्था को लेकर चुनौतियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और वाणिज्य जैसे विषयों में शिक्षकों के रिक्त होने वाले पदों पर समय रहते व्यवस्था करना महत्वपूर्ण होगा।सेवानिवृत्त होने वाले अनुभवी शिक्षकों के स्थान पर नए शिक्षकों की नियुक्ति, पदोन्नति और पदस्थापना की प्रक्रिया समय पर पूरी करना विभाग के लिए अहम होगा। यदि रिक्त पदों को भरने में देरी होती है, तो इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।










