Big Accident: एक बहुत ही दर्दनाक हादसे की खबर आ रही है। दुर्गा पूजा के दौरान पूजा के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया है। घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो गयी है। मृतकों में कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। देर रात हुई इस दुर्घटना में 13 श्रद्धालुओं की मौत की खबर है।
घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर की है, जहां शीतला माता मंदिर के रास्ते में यह हादसा हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक नवरात्रि के दौरान मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को धान से भरे एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। इस भीषण हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हुई है। 40 श्रद्धालुओं के गंभीर रूप से घायल है, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
बताया जा रहा है कि हादसे में कई पुलिसकर्मी भी शामिल है, जो मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे थे। हादसे को लेकर मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों ने दुख जताया है। बताया जा रहा है कि हादसा रात करीब 1:30 की है। देर रात ढलान के पास एक ट्रक अनियंत्रित हो गई और श्रद्धालुओं को कुचलते हुए आगे बढ़ने लगी।
हादसे में शिकार हुए सभी श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए आए हुए थे। बताया जा रहा है कि ट्रक श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी दुकानों को रौंदते हुए मंदिर के एंट्री गेट से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार भी ढह गई। मलबे में करीब 40 से 50 लोग दब गए।
इसके बाद आनन फानन में रेस्क्यू का काम शुरू किया गया। इस घटना को लेकर प्रशासन के खिलाफ लोगों का आक्रोश भर गया। लोगों का आरोप था कि जब यह पूरा एरिया नो एंट्री है तो फिर यहां इतनी बड़ी ट्रक कैसे दाखिल हो गई। लोगों के आक्रोश को देखते हुए ग्वालियर पोस्टमार्टम रूम के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस वालों को भी तैनात कर दिया गया है।
पोस्टमार्टम रूम के अंदर 13 शव रखे गए हैं। परिजन बाहर इंतजार कर रहे हैं और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी का इजहार कर रहे हैं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें देखकर परिजनों का आक्रोश और भड़क गया। परिजनों का आरोप है कि इतनी भीड़ में ट्रक को आने की अनुमति कैसे दी गई।
घटना को लेकर एक महिला ने आरोप लगाया कि उनके जिंदा बेटे का इलाज नहीं कराया गया। हादसे के वक्त 19 साल का उनका बेटा गौरव जिंदा था, उसकी सांसे चल रही थी। लेकिन, पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को कह दिया । यहां तक कि पुलिस ने एंबुलेंस तक को लौटा दिया गया। जबकि, मां किरण के मुताबिक वह अपने बेटे को निजी अस्पताल में ले जाना चाहती थी।
पुलिस वालों ने एंबुलेंस को आगे जाने नहीं दिया गया। उनका आरोप है इसी कारण उनके बेटे की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक हादसे में करीब 40 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से क्यों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। अस्पताल पहुंचने पर 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अभी भी 40 लोगों का इलाज चल रहा है।










