रायपुर। सड़कों की खस्ताहाल पर मुख्यमंत्री एक्शन में हैं। अंबिकापुर के खरसिया चौक की खराब सड़क का वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर सड़क की स्थिति की जानकारी ली और मौके का निरीक्षण कर तत्काल जरूरी सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर सड़क के बड़े गड्ढों को भरने, समतलीकरण और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। साथ ही अधिक यातायात वाले हिस्सों में पुलिस और यातायात विभाग के साथ समन्वय कर लोगों के लिए सुरक्षित और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दे कि खराब सड़क की स्थिति को सरकार पहले से भी काफी सख्त है। खुद PWD सचिव ने प्रदेश में लगातार दौरा कर सड़को की स्थिति का जायजा लिया है और अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़े निर्देश दिये थे।
वायरल वीडियो के बाद CM ने लिया एक्शन
अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में बारिश के दौरान सड़क की खराब स्थिति को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच सड़क की स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा कलेक्टर से सीधे चर्चा कर वस्तुस्थिति जानी। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कराने और जरूरी सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
गड्ढे भरने से लेकर जल निकासी तक के निर्देश
मुख्यमंत्री ने खरसिया चौक की सड़क पर बने बड़े गड्ढों को भरने और सड़क का आवश्यक समतलीकरण कराने को कहा है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति न बने, इसके लिए ड्रेनेज व्यवस्था को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
जहां यातायात का दबाव ज्यादा है, वहां पुलिस और यातायात विभाग के सहयोग से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए है निर्माणाधीन सड़कों पर लोगों को आवागमन में किसी तरह की दिक्कत न आये। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वो खुद मौके का मुआयना करे और लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करे।
सभी कलेक्टरों को सड़क की निगरानी के निर्देश
अंबिकापुर की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को भी निर्माणाधीन और क्षतिग्रस्त सड़कों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि कलेक्टर जरूरत पड़ने पर खुद मौके पर जाकर सड़क की स्थिति देखें और संबंधित विभाग तथा निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय कर समस्या का तत्काल समाधान कराएं।
बारिश के दौरान सड़क खराब होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव या जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसून में भी सड़क चलने लायक रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान निर्माणाधीन या क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्थायी निर्माण या मरम्मत का काम बारिश के कारण प्रभावित हो सकता है, लेकिन इस दौरान भी सड़क को आवागमन योग्य बनाए रखने के लिए अंतरिम सुधार किए जाने चाहिए।गड्ढे भरने, समतलीकरण और पानी निकासी जैसे जरूरी काम प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के बाद सड़क निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद निर्माणाधीन और स्वीकृत सड़क परियोजनाओं के काम में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़कों का निर्माण और स्थायी मरम्मत गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग और एजेंसियां लगातार काम की निगरानी करें।











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