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बालको पर बवाल: FIR में अनिल अग्रवाल का नाम, फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं? विधानसभा में बालको हादसे पर जमकर बवाल, तीखी नोंकझोंक के बाद विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वेदांता हादसे को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। डॉ. चरणदास महंत और भूपेश बघेल ने पूछा कि एफआईआर में अनिल अग्रवाल का नाम होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

July 15, 2026 5:02 AM
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बालको हादसा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सवाल उठाया, कि बालको हादसे में जब चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज है, तो फिर अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है। मानसून सत्र में मंगलवार को वेदांता संयंत्र में हुए हादसे और उसमें दर्ज एफआईआर को लेकर जोरदार बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार से पूछा कि जब एफआईआर में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज है, तो अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

प्रश्नकाल के दौरान डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश के उद्योगों में हुई दुर्घटनाओं और सेफ्टी ऑडिट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में औद्योगिक दुर्घटनाएं हुई हैं और वेदांता हादसे में 25 लोगों की जान गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

जवाब में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि वेदांता मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि मामला श्रम न्यायालय में भी दायर किया गया है और पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में अनिल अग्रवाल का नाम शामिल है।मंत्री के इस जवाब पर डॉ. महंत ने कहा, “अगर एफआईआर में नाम है तो गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? सरकार आखिर किस बात का इंतजार कर रही है?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अनिल अग्रवाल का नाम लेने से बच रही है।

इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी चर्चा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जब एफआईआर में किसी का नाम दर्ज है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या केवल एफआईआर दर्ज कर देने से कार्रवाई पूरी हो जाती है या फिर गिरफ्तारी की दिशा में भी कोई कदम उठाया गया है।

इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विधानसभा में किसी व्यक्ति का नाम लेकर कार्रवाई की घोषणा नहीं की जा सकती। इस पर भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि एफआईआर में नाम पहले से दर्ज है, ऐसे में नाम लेने से परहेज क्यों किया जा रहा है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन को आश्वस्त किया कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर उद्योगपतियों को बचाने का आरोप लगाया और विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।हालांकि, सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि एफआईआर में नाम दर्ज होने के बावजूद अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी को लेकर अब तक क्या कानूनी कार्रवाई की गई है। इसी सवाल को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

Gitendra Sahu

Gitendra Kumar Sahu has over 10 years of experience in journalism and newsroom operations. He has worked with reputed media organizations such as Swaraj Express and Press Trust of India (PTI), where he spent nearly five years in active journalism. He has also worked with several digital media platforms and possesses extensive experience in both field reporting and newsroom desk operations. After completing his graduation, he chose journalism as his professional career. He specializes in political reporting, current affairs, and crime journalism, with strong expertise in breaking and handling major news stories.

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