Bilaspur Diesel Theft Case: ASI Suspend: VIRAL VIDEO में भ्रष्टाचार के लग रहे संगीन आरोपों पर SSP ने बड़ा एक्शन लिया है। बिलासपुर के कोनी थाना में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) उमेश उपाध्याय को डीजल चोरी के मामले में कथित लापरवाही और संदिग्ध आचरण के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने मामले को गंभीर मानते हुए यह कार्रवाई की है।
मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने डीजल चोरी के मामले में कुल पांच आरोपियों को हिरासत में लिया था। आरोप है कि इनमें से तीन आरोपियों को वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए बिना छोड़ दिया गया। इस पर एसएसपी ने इसे कदाचार और संदिग्ध आचरण मानते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
7 दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट
इस मामले में एसएसपी ने पूरे मामले की प्रारंभिक जांच के आदेश देते हुए संबंधित अधिकारियों से सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
दो आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा
कोनी पुलिस ने अपनी कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब 200 लीटर चोरी का डीजल, दो स्कॉर्पियो वाहन तथा डीजल चोरी में इस्तेमाल होने वाले पाइप और लोहे की छड़ बरामद की गई है।पुलिस का कहना है कि मामले में तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
वायरल वीडियो से उठे सवाल
कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं। वायरल वीडियो में कोनी थाना पुलिस की टीम ग्राम पंचायत सेमरताल के भदौरियाखार (बरपाली) में छापेमारी करती दिखाई दे रही है। वीडियो में बैसाखु लोनिया, उसके बेटे राजू लोनिया, राजेश लोनिया और भानु लोनिया सहित अन्य लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले जाते हुए देखा जा सकता है। कुछ आरोपियों के हाथों में हथकड़ी भी नजर आ रही है।
हालांकि, सोमवार सुबह बैसाखु, राजेश, राजू और एक महिला को थाने से छोड़ दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए तथा कथित लेनदेन के गंभीर आरोप भी लगाए गए।फिलहाल पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी।










