बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। छात्राओं ने संस्कृत शिक्षक पर अश्लील हरकतें करने और गणित की शिक्षिका पर सरकारी सैनिटरी पैड बेचने सहित कई आरोप लगाए।
कार्रवाई की मांग को लेकर छात्राएं कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर बैठ गईं और कलेक्टर को मौके पर बुलाकर अपनी शिकायत सुनने की मांग करने लगीं। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप पर मंथन सभाकक्ष में करीब दो घंटे तक चर्चा हुई, लेकिन छात्राओं के मुताबिक, उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
संस्कृत शिक्षक पर अश्लील हरकतों का आरोप, एफआईआर की मांग
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने संस्कृत शिक्षक राजेश दुबे पर कक्षा में अश्लील हरकतें करने और छात्राओं के प्रति अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षक की डिग्री को लेकर भी सवाल उठाए और कथित फर्जी डिग्री के मामले में जांच की मांग की।छात्राओं ने मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित शिक्षक का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
पांच रुपये में सैनिटरी पैड बेचने का लगाया आरोप
छात्राओं ने गणित की शिक्षिका पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि शासन की ओर से निःशुल्क वितरित किए जाने वाले सैनिटरी पैड छात्राओं को पांच रुपये में बेचे गए। छात्राओं ने एक्सपायरी पैड दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रही।
इसके अलावा, छात्राओं ने एएफ फंड में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका दावा है कि शिकायत करने या विरोध जताने पर परीक्षा में अंक काटने की धमकी भी दी गई। छात्राओं ने इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
कलेक्टर को गेट पर बुलाने की मांग, परिसर में नारेबाजी
अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्राएं चाहती थीं कि कलेक्टर स्वयं बाहर आकर सभी प्रदर्शनकारियों की बात सुनें। जब उन्हें बताया गया कि कलेक्टर प्रतिनिधिमंडल से चर्चा करेंगे, तो छात्राएं मुख्य प्रवेश द्वार पर बैठ गईं और नारेबाजी शुरू कर दीं।अतिरिक्त कलेक्टर शिव बनर्जी और ज्योति पटेल ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने उन्हें मंथन सभाकक्ष में चर्चा के लिए बुलाया।
दो घंटे चली बैठक, कार्रवाई पर सहमति नहीं बनने का दावा
मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। बैठक के दौरान छात्राओं ने अपनी शिकायतें और मांगें अधिकारियों के सामने रखीं।हालांकि, बैठक के बाद छात्राओं ने निराशा जताई। उनका कहना था कि जिन आरोपों को लेकर वे प्रदर्शन करने पहुंची थीं, उन पर कार्रवाई के संबंध में उन्हें कोई ठोस निर्णय या स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला।
कानूनी प्रावधानों के पर्चे लेकर पहुंचीं छात्राएं
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के हाथों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित प्रावधानों के हस्तलिखित पर्चे भी दिखाई दिए। छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्कूल स्तर पर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और प्राचार्य के स्तर पर भी उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली।
इसी वजह से उन्हें जिला मुख्यालय पहुंचकर विरोध जताना पड़ा। छात्राओं ने संबंधित शिक्षकों के खिलाफ शिकायतों की निष्पक्ष जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और स्कूल में सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल, शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में संबंधित शिक्षकों का पक्ष और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।










