दुर्ग। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों का प्रदर्शन जारी है। अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे अतिथि शिक्षकों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र दुर्ग में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के सरकारी निवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। लगातार हो रही बारिश भी प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं तोड़ सकी।
शिक्षक बारिश में भी धरना स्थल पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में प्रदेशभर से शिक्षक शामिल हो रहे हैं। शिक्षकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले दिनों में इसे और तेज किया जाएगा।
1 जुलाई से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल
आपको बता दें कि अतिथि शिक्षक अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल के चलते कई सरकारी स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। संगठन का कहना है कि सरकार से कई बार बातचीत और ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला, जिसके बाद आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर प्रदर्शन
पिछले 5 दिन से प्रदर्शन के दौरान अतिथि शिक्षक लगातार अलग-अलग तरीके से सरकार का ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं। दुर्ग में प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक शिक्षा मंत्री के निवास के बाहर एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने धरना जारी रखा। शिक्षकों ने कहा कि सरकार उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रही है।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जल्द ही सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा।
10 वर्षों से पढ़ा रहे, फिर भी नहीं मिला स्थायी समाधान
अपने आंदोलन को लेकर अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 वर्षों से प्रदेश के आदिवासी, वनांचल और दूरस्थ इलाकों के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित शिक्षकों के समान वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने के बावजूद उनकी सेवाओं को स्थायी रूप से मान्यता नहीं दी गई। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी मांगें आज भी अधूरी हैं।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन को लेकर शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस दौरान राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा। संगठन का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेशभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन और घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।फिलहाल सरकार की ओर से इस प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और अतिथि शिक्षकों के बीच गतिरोध कब खत्म होता है।










