रायपुर। शिक्षक दिवस के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्कूलों में नशाखोरी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शराब के नशे में पाए गए 12 शिक्षकों को निलंबित किया गया है और अब उन्हें बर्खास्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मंत्री के इस बयान के बाद शिक्षा विभाग में कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है।
रायपुर के लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम् में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रदेश के 67 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।
स्कूलों में नशाखोरी पर राज्यपाल सख्त
समारोह के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने स्कूल परिसरों में नशाखोरी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने शिक्षकों से शाला परिसर को नशे से दूर रखने की अपील की।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चे अपने आसपास जो देखते हैं, वही सीखते हैं। ऐसे में शिक्षकों को विद्यार्थियों के सामने आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए और उन्हें सही दिशा दिखानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश के शिक्षक छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निलंबन के बाद अब बर्खास्तगी की तैयारी
राज्यपाल की चिंता पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार स्कूलों में नशे की समस्या को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि 12 शराबी शिक्षकों को निलंबित किया गया है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि निलंबन के बाद इन शिक्षकों को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और शिक्षकों के कामकाज की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
सीएम साय बोले- शिक्षक ही राष्ट्र निर्माता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा का महत्व प्राचीन काल से ही रहा है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है और शिक्षक ही राष्ट्र निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 341 पीएम श्री स्कूलों के चयन और 150 स्वामी विवेकानंद के नाम से स्कूल खोले जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।










