न्यूज हेडलाइन टॉप न्यूज छत्तीसगढ़ ब्यूरोक्रेट वेब स्टोरी/शॉर्टस क्राइम शिक्षक/कर्मचारी देश/राज्य मौसम मनोरंजन खेल/खिलाड़ी राशिफल/धर्म सेहत ऑटोमोबाइल/मोबाइल बिजनेस नौकरी/सरकारी योजनाएं

---Advertisement---

CG Teacher Suspend: शिक्षा विभाग में वेतन घोटाला, प्राचार्य और बाबू निलंबित; जांच में खुला मामला, वेतन बढ़ाकर किया गया गोलमाल, आफिस से लेकर बैंक तक में हुआ

महासमुंद के सिरपुर स्कूल में वेतन-भत्तों में हेरफेर कर सरकारी राशि निकालने के मामले में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और बाबू अकील खान निलंबित हुए।

September 19, 2026 10:42 AM
---Advertisement---11

CG Teacher News । वेतन-भत्तों की राशि में गोलमाल करने वाले प्राचार्य व बाबू पर गाज गिर गयी है। डीपीआई ने प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरा मामला महासमुंद जिले का है, जहां शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में वेतन-भत्तों की राशि में हेरफेर कर सरकारी रकम निकालने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

इस संबंध में जांच रिपोर्ट के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्कालीन सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में वेतन देयक में वास्तविक राशि से अधिक भुगतान दर्शाकर शासकीय राशि के आहरण और गबन का मामला सामने आया है।

डीपीआई की तरफ से जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, मामले में सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर पर भी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में पदस्थ सहायक शिक्षक (विज्ञान) विपिन कुमार साहू के वास्तविक वेतन-भत्तों में अत्यधिक वृद्धि कर दी। इसके बाद बढ़ी हुई राशि के आधार पर कोषालय से भुगतान कराया गया।

मई 2025 से जनवरी 2026 तक निकाली गई अधिक राशि

वेतन में हुई गड़बड़ी को लेकर की गयी शिकायत के बाद जांच करायी गयी। कार्रवाई को लेकर विभागीय आदेश में बताया गया है कि मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच नियमित वेतन देयकों में कथित तौर पर ऑनलाइन ई-बिल तैयार कर वास्तविक देय राशि से अधिक रकम आहरित की गई।

आरोप है कि वेतन और भत्तों में बढ़ाई गई राशि का भुगतान

कोषालय से कराया गया और अतिरिक्त रकम को संबंधित प्रक्रिया के जरिए निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर गबन किया गया।मामला सामने आने के बाद वित्तीय लेन-देन और वेतन देयकों की जांच की गई। जांच में वास्तविक वेतन और आहरित राशि के बीच अंतर पाया गया।

प्राचार्य और बजट कक्ष प्रभारी की भूमिका पर सवाल

लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और तत्कालीन सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है।उमा ठाकुर विद्यालय की आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) थीं, जबकि अकील मोहम्मद खान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बजट कक्ष से जुड़े प्रभारी अधिकारी थे। विभागीय जांच में दोनों की संलिप्तता पाए जाने का उल्लेख आदेश में किया गया है।

कोष, लेखा एवं पेंशन की जांच में हुई पुष्टि

मामले की जांच कोष, लेखा एवं पेंशन, छत्तीसगढ़ की ओर से भी की गई। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट में वेतन-भत्तों में की गई अनियमितता और अधिक राशि के आहरण की पुष्टि हुई।लोक शिक्षण संचालनालय ने पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है। आदेश में नियमों की अनदेखी, फ्रॉड और षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है।

दोनों का मुख्यालय डीईओ कार्यालय महासमुंद

जांच रिपोर्ट और सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और अकील मोहम्मद खान को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, महासमुंद निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है। वेतन भुगतान जैसी नियमित वित्तीय प्रक्रिया में हेरफेर कर सरकारी राशि निकालने का मामला सामने आने से शिक्षा विभाग में भी इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता के तौर पर देखा जा रहा है।

शिक्षा विभाग में वेतन घोटाला, प्राचार्य व बाबू सस्पेंड

शिक्षकों के वेतन में इस तरह की गड़बड़ी ने शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं। आपको बता दें कि पुलिस विभाग की तरफ से भी वेतन भत्ते में गड़बड़ी की शिकायत आयी थी, लेकिन शिक्षा विभाग में जिस तरह की ये गड़बड़ी सामने आयी है, उसने कई तरह के सवाल खड़े कर दिये हैं।

 

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Stories

Leave a Comment