Chhattisgarh 4 Year B.Ed Course: छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप राज्य सरकार ने चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड (B.Ed.) पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संसाधनों का आकलन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
खबर है कि विभाग भी इस बदलाव के पक्ष में है, लिहाजा तैयारियां शुरू हो गयी है। रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग संभाग सहित पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से नया बीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्र-छात्राएं 12वीं के बाद सीधे चार वर्षीय बीएड कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे। इससे स्नातक और बीएड की पढ़ाई एक साथ पूरी होगी और शिक्षक बनने का रास्ता पहले से अधिक आसान और व्यवस्थित हो जाएगा।
12वीं के बाद सीधे मिलेगा B.Ed में प्रवेश
फिलहाल छत्तीसगढ़ में किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम संचालित नहीं हो रहा है। अभी छात्रों को पहले स्नातक (Graduation) और उसके बाद बीएड करना पड़ता है।नई व्यवस्था लागू होने पर विद्यार्थी 12वीं के बाद सीधे इस कोर्स में दाखिला लेकर चार साल में ही स्नातक और बीएड दोनों की डिग्री हासिल कर सकेंगे।
NEP के अनुसार तैयार होंगे नए शिक्षक
राज्य सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप ऐसे प्रशिक्षित शिक्षक तैयार करना है, जो आधुनिक शिक्षा प्रणाली और नई शिक्षण पद्धतियों के अनुरूप प्रशिक्षित हों।इसी उद्देश्य से गठित टास्क फोर्स प्रदेश के कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों का आकलन करेगी।
इन सुविधाओं का होगा मूल्यांकन
टास्क फोर्स निम्न बिंदुओं की जांच करेगी—
- योग्य शिक्षकों की उपलब्धता
- पुस्तकालय (Library)
- प्रयोगशालाएं (Laboratories)
- स्मार्ट क्लास एवं अन्य शैक्षणिक संसाधन
- आधारभूत अधोसंरचना
रिपोर्ट के बाद यह तय किया जाएगा कि किन संस्थानों में सबसे पहले चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू किया जा सकता है।
सरकारी कॉलेजों में भी शुरू होगी B.Ed की पढ़ाई
उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के 13 सरकारी महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है।दुर्ग जिले के सरकारी कॉलेजों को भी इस योजना में शामिल किए जाने की संभावना है। साथ ही विश्वविद्यालयों की अध्ययनशालाओं में भी इस कोर्स के संचालन की व्यवहारिकता का परीक्षण किया जा रहा है।
शिक्षकों की भर्ती और संसाधनों पर रहेगा फोकस
मिली जानकारी के मुताबिक चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले सरकार शिक्षकों की नियुक्ति, प्रयोगशालाओं के विकास, पुस्तकालयों के उन्नयन और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करेगी। इसकी तैयारियां भी विभागीय स्तर पर शुरू हो गयी है। सरकार का मानना है कि बिना आवश्यक संसाधनों के नया कोर्स शुरू करने के बजाय पहले गुणवत्ता सुनिश्चित करना अधिक महत्वपूर्ण है।
टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बाद होगा अंतिम फैसला
चार वर्षीय बीएड को लेकर गठित टास्क फोर्स अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में इस कोर्स की शुरुआत की जाएगी।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छत्तीसगढ़ में शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा और युवाओं को करियर का नया विकल्प मिलेगा।
छात्रों के लिए क्या बदलेगा? (Quick Facts)
- 12वीं के बाद सीधे B.Ed में प्रवेश का मौका
- चार साल में Graduation + B.Ed पूरी
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप नया कोर्स
- प्रदेश में टास्क फोर्स का गठन
- सरकारी कॉलेजों में भी B.Ed शुरू करने की तैयारी
- दुर्ग संभाग के संस्थानों को भी मिल सकता है लाभ
FAQ
प्रश्न: क्या छत्तीसगढ़ में 4 वर्षीय B.Ed कोर्स शुरू हो गया है?
उत्तर: अभी नहीं। राज्य सरकार ने इसके लिए टास्क फोर्स बनाई है। रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
प्रश्न: इस कोर्स में प्रवेश कब मिलेगा?
उत्तर: सरकार की मंजूरी और आवश्यक संसाधन विकसित होने के बाद चरणबद्ध तरीके से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रश्न: इस कोर्स का सबसे बड़ा फायदा क्या होगा?
उत्तर: छात्र 12वीं के बाद सीधे प्रवेश लेकर चार साल में स्नातक और बीएड दोनों की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
प्रश्न: क्या सरकारी कॉलेजों में भी B.Ed शुरू होगा?
उत्तर: उच्च शिक्षा विभाग 13 सरकारी महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है।










