Chhattisgarh Vidhansabha। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहला दिन हंगामेदार रहा था। विपक्ष व सत्ता पक्ष के बीच नोंकझोंक के बीच सदन को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। आज राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा सदन में उठा। इस मसले को लेकर सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा। हंगामा बढ़ता देख, सदन को 5 मिनट के लिए स्थगित किया गया, लेकिन सदन जब दोबारा शुरू हुआ, तो भी हंगामा जारी रहा, जिसके बाद कार्रवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी।आज प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों ही हंगामेदार रहे।
प्रश्नकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में संचालित बीएड-डीएड पाठ्यक्रम और रिक्त पदों का मुद्दा उठा, वहीं शून्यकाल में राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
प्रश्नकाल में बीएड-डीएड कॉलेजों का मुद्दा उठा
प्रश्नकाल के दौरान विधायक लता उसेंडी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में संचालित डीएड और बीएड पाठ्यक्रमों को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने विश्वविद्यालय में इन पाठ्यक्रमों की स्थिति, शिक्षकों के रिक्त पदों और भर्ती प्रक्रिया की जानकारी मांगी।उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन को बताया कि महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में डीएड और बीएड पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में कुल 265 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में केवल 29 पदों पर नियुक्तियां हुई हैं।
इस पर विधायक लता उसेंडी ने रिक्त पदों पर भर्ती की समय-सीमा और भर्ती प्रक्रिया में मिली शिकायतों की जांच का मुद्दा भी उठाया। जवाब में मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की जांच कराई गई थी और जांच रिपोर्ट राज्यपाल को भेजी गई थी, जिसे बाद में नस्तीबद्ध कर दिया गया है।
राम मंदिर चंदा चोरी पर सदन में हंगामा
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह विषय छत्तीसगढ़ विधानसभा के अधिकार क्षेत्र का नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी भी विषय पर चर्चा से नहीं भाग रही है, लेकिन सदन की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष अपने मुद्दों पर चर्चा कराता है, लेकिन विपक्ष द्वारा उठाए गए विषयों पर व्यवधान पैदा किया जाता है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और भाजपा तथा कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी की।भारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य (नामंजूर) कर दिया। इसके विरोध में विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की। राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर लंबे समय तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।










