रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने अब सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी कर VSK ऐप के जरिए रोजाना उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
DPI के निर्देश के बाद अब उन शिक्षकों और कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जाएगी, जो VSK ऐप पर नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। खास तौर पर ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा गया है, जिनकी पिछले एक महीने से ऐप पर अटेंडेंस दर्ज नहीं हुई है।
सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए VSK अटेंडेंस जरूरी
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के मुताबिक विभाग के अंतर्गत संचालित सभी शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यरत शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए VSK ऐप में अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
इसके बावजूद विभागीय स्तर पर यह सामने आया है कि कुछ कर्मचारी अब भी VSK ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। कुछ मामलों में पिछले एक महीने से भी अटेंडेंस ऐप पर दर्ज नहीं होने की जानकारी सामने आई है।
इसे गंभीरता से लेते हुए DPI ने सभी जिलों के DEO को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अब तैयार होगी अटेंडेंस नहीं लगाने वालों की सूची
DPI ने जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे अपने जिले के अंतर्गत VSK ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची तैयार करें।
इसके साथ ही संबंधित कर्मचारी द्वारा ऐप पर अटेंडेंस दर्ज नहीं करने के कारणों की जानकारी भी जुटानी होगी।
यह जानकारी विभाग द्वारा निर्धारित Google Sheet में तत्काल दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब सिर्फ ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं लगाने की स्थिति दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसके पीछे का कारण भी विभाग को बताना होगा।
एक महीने से अटेंडेंस नहीं तो विशेष निगरानी
विभाग के निर्देश में उन कर्मचारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिनकी पिछले एक महीने से VSK ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है।
ऐसे कर्मचारियों की जानकारी जिला स्तर पर संकलित कर DPI को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विभाग के पास यह स्पष्ट जानकारी होगी कि किन स्कूलों में शिक्षक और कर्मचारी नियमित रूप से VSK ऐप पर अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं और किन संस्थानों में इसका पालन नहीं हो रहा है।
पहले भी दिए जा चुके हैं कार्रवाई के निर्देश 
VSK ऐप के जरिए ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग पहले भी जिलों को निर्देश जारी कर चुका है। अलग-अलग जिलों में ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
कुछ मामलों में वेतन रोकने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश भी सामने आए हैं। ऐसे में DPI के ताजा आदेश के बाद माना जा रहा है कि ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर विभाग की निगरानी और सख्त हो सकती है।
अब लापरवाही पड़ेगी भारी?
VSK ऐप में उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। अब DPI के ताजा निर्देश के बाद जिला स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग और तेज होने की संभावना है।
VSK ऐप पर अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची, उनके कारणों की जानकारी और जिला स्तर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।










