Police Weekly Off। छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों के सप्ताहिक अवकाश को लेकर कई बार निर्देश जारी हुए, कुछ वक्त तक छुट्टियां मिली भी, लेकिन फिर छट्टियां बंद हो गयी। अब सप्ताहिक अवकाश मिलना पुलिसकर्मियों के लिए फिलहाल कठिन ही दिख रहा है। डीजीपी अरूणदेव गौतम के बयान के बाद लगता है कि फिलहाल जवानों को सप्ताहिक अवकाश के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने पुलिस जवानों को वीकली ऑफ (साप्ताहिक अवकाश) दिए जाने की मांग पर कहा कि पुलिस विभाग की ड्यूटी का स्वरूप अन्य सेवाओं से अलग है। ऐसे में यह कहना संभव नहीं है कि किसी एक निश्चित दिन सभी को छुट्टी दे दी जाए।
दुर्ग में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप में शामिल होने पहुंचे डीजीपी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिसकर्मी लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। विभाग का प्रयास है कि जवानों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक बनाया जाए, ताकि किसी भी बीमारी की समय रहते पहचान हो सके और उसका उचित इलाज कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि कई बार व्यस्त दिनचर्या और असावधानी के कारण शुरुआती बीमारियों का पता नहीं चल पाता। ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जवानों और उनके परिवार के सदस्यों की नियमित जांच होने से गंभीर बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है, जिससे समय पर उपचार संभव हो सके।
वीकली ऑफ पर क्या बोले DGP?
पुलिस जवानों को साप्ताहिक अवकाश दिए जाने के सवाल पर डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली अलग प्रकृति की है। कानून-व्यवस्था, आपात स्थिति और सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियों के चलते यह संभव नहीं है कि किसी एक दिन छुट्टी सुनिश्चित कर दी जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि वे इस सिद्धांत को नहीं मानते कि लंबे समय तक या कठिन ड्यूटी करने से शरीर कमजोर हो जाता है। उनके अनुसार, “जितना अधिक कठिन कर्तव्य और जिम्मेदारी निभाई जाती है, उतना ही व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनता है।” हालांकि उन्होंने स्वास्थ्य जांच और नियमित मेडिकल परीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।










