धमतरी,12 जुलाई 2026।क़रीब पांच घंटे के कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से अब तेंदुआ का सफल और सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है, बताया जा रहा है कि तेंदुए के रेस्क्यू के लिए वन विभाग की टीम ने सीढ़ी का मदद लिया था,जिसके सहारे तेंदूआ कुंआ से निकलकर जंगल की ओर भाग निकला, जानकारी के मुताबिक इस पूरे रेस्क्यू अभियान में सांकरा उत्पादन में पदस्थ रेंजर संदीप सोम और वन परिषेत्र अधिकारी बिरगुड़ी धीरेंद्र साहू दो रेंजर,ओमप्रकाश चंदनिया समेत 5 डिप्टी रेंजर और क़रीब 20 लोगों की टीम सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक करीब 5 घंटे तक तेंदुए के बचाव अभियान में लगातर जुटे हुए थे।
गौर तलब है कि आज सुबह नगरी वनपरिषेत्र अंतर्गत बांधा बीट के महमल्ला गांव में एक ग्रामीण के सूखे कुएं में तेंदुआ गिर गया था, जिसके दहाड़ने की आवाज की सुनकर लोगों ने जब कुंआ में झांककर देखा तो हड़कंप मच गया,यह खबर तेजी से पूरे गांव में फैल गई और देखते ही देखते मौके पर तेंदुआ को देखने लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, वहीं तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में दहशत भी देखा जा था।
इधर ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सुबह आठ बजे लगातर तेंदुए की रेस्क्यू में जुटी हुई थी, बताया जा रहा है की क़रीब 5 घंटे की मेहनत और कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम कामयाबी मिली और उन्होंने तेंदुए का रेस्क्यू कर लिया है। वहीं तेंदूए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीण दहशत में है,लोगों ने तेंदूए को पकड़कर सुरक्षित स्थान में छोड़ने की मांग की है,जिससे लोग सुरक्षित रहे, वहीं वन विभाग की टीम ने लोगों को सुरक्षित और सतर्क रहने की अपील की है, साथ ही शाम के बाद अंधेरे में घर से ना निकलने की हिदायत दी है।
गौरतलब है कि धमतरी जिले के सिहावा, नगरी वनांचल क्षेत्र का ज्यादातर गांव घने जंगलों और पहाड़ियों से सटा हुआ है, जिसे तेंदुआ और भालू जैसे वन्यप्रणियों के प्राकृतिक आवास के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है, लिहाजा आए दिन क्षेत्र के किसी ना किसी गांव से तेंदूए द्वारा गाय, बछड़ा, बकरे और मुर्गे के शिकार के मामले आते रहते है।










