धमतरी। फिश कारोबारी की हत्या किसी और ने नही, कारोबारी के ही पूर्व कर्मचारियों ने की थी। मछली कारोबारी के इन आरोपी कर्मचारियों ने मजदूरी नहीं बढ़ाने और कारोबारी के दुर्व्यवहार का बदला लेने के लिए खौफनाक साजिश रची और फिर विप्लव मंडल की हत्या कर दी। कमाल की बात ये है कि वारदात से दो दिन पहले भी हत्या का प्लान बना था, लेकिन 25 जून को विप्लव की किस्मत अच्छी निकली, लेकिन 27 जून की रात वो हत्यारे के घेरे में फंस गया, जिसके बाद उसे बेदर्दी से मार डाला गया।
मछली कारोबारी मर्डर केस का धमतरी पुलिस ने नगरी थाना क्षेत्र में हुई हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी सामने आई है। हत्या की वजह मजदूरी बढ़ाने को लेकर उपजा विवाद और पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मृतक विप्लव मंडल निजी फिश फार्म का संचालन करता था और आरोपी उसी के यहां मजदूरी करते थे। मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक आरोपियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करता था और गाली-गलौज भी करता था। इसी रंजिश में आरोपियों ने पहले 25 जून को हत्या की योजना बनाई, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद 27 जून को दोबारा योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मृतक की गतिविधियों पर नजर रखी और जब वह नगरी बाजार से मछली बिक्री कर लौट रहा था, तब सुनसान इलाके में उसे रोक लिया। वहां लकड़ी के डंडों और धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके पास रखी मछली बिक्री की नकदी और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
धमतरी पुलिस अधीक्षक सुरज सिंह परिहार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी नगरी के मार्गदर्शन में नगरी थाना एवं साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
• टेकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19 वर्ष)
• सुरेश यादव (26 वर्ष)
• जगदीश विश्वकर्मा (50 वर्ष)
तीनों आरोपी ग्राम थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद के निवासी हैं।पुलिस ने इस मामले में दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी चिन्हित की है। उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त हथियार, वाहन, लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामदगी में शामिल हैं—
• लूटी गई 37,800 रुपये नकद
• घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल
• चार मोबाइल फोन
• वारदात में इस्तेमाल तीन लकड़ी के डंडे
• दो लोहे के चाकू
• अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं साक्ष्य










