धमतरी। एक और रेपिस्ट को धमतरी पुलिस के मजबूत विवेचना ने सलाखों के पीछे पहुंचाया है। महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ धमतरी पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पॉक्सो (POCSO) अधिनियम से जुड़े एक गंभीर मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) धमतरी ने आरोपी किशन यादव को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आया।
पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल की सजा
न्यायालय ने ग्राम पावद्वार, थाना सिहावा निवासी किशन यादव को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यदि आरोपी अर्थदंड जमा नहीं करता है तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
भारतीय न्याय संहिता के तहत भी दोषी करार
पॉक्सो एक्ट के अलावा न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 332 के तहत भी दोषी ठहराया। इस अपराध के लिए उसे 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुई प्रभावी विवेचना
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक (ASI) दुलाल नाथ ने गंभीरता, निष्पक्षता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की। विवेचना के दौरान मजबूत साक्ष्य एकत्रित किए गए, जिन्हें न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसी के चलते आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध हुआ और न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई।
महिला एवं बाल अपराधों पर जीरो टॉलरेंस
धमतरी पुलिस ने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे मामलों में दोषियों को कानून के दायरे में लाकर उन्हें कठोर से कठोर सजा दिलाना है, ताकि समाज में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश जाए।










