धमतरी। धर्म परिवर्तन कराने के नाम पर पति को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर किये जाने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनया है। धमतरी जिले के इस प्रकरण में पत्नी, सास-ससुर व साली सहित 5 दोषियों को सजा सुनायी गयी है। धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र अंतर्गत पोटियाडीही गांव में एक युवक को धर्म परिवर्तन के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में अदालत का एक बड़ा फैसला सामने आया है।
अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर की अदालत ने इस मामले में दोष सिद्ध होने पर मृतक की पत्नी, सास-ससुर और दो सालियों समेत कुल पांचों आरोपियों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक गितेश प्रजापति ने की।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 6 और 7 दिसंबर 2024 की दरमियानी रात की है, जब अर्जुनी थाना क्षेत्र के पोटियाडीही निवासी लीनेश कुमार साहू ने अपने घर के ऊपरी कमरे के वेंटिलेशन में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के चाचा खूबचंद साहू ने थाने में सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू की थी।
मोबाइल स्टेटस और मैसेज से हुआ खुलासा
जांच के दौरान जब पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो मृतक के शव के पास उनका मोबाइल मिला। मोबाइल की जांच करने पर एक व्हाट्सएप स्टेटस और बहनोई गुलशन साहू को भेजे गए संदेश मिले।मृतक ने अपने संदेश और स्टेटस में लिखा था कि उसकी पत्नी करुणा साहू, सास गौरी साहू, ससुर राजकुमार साहू, डेढ़सास किरण साहू और साली कनिष्का साहू (सभी निवासी रायपुर) उस पर लगातार दूसरा धर्म (ईसाई धर्म) अपनाने के लिए दबाव बना रही हैं और इसी प्रताड़ना से तंग आकर वह यह कदम उठा रहा है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर स्क्रीनशॉट और पंचनामा तैयार किया तथा परिजनों व गवाहों के बयान दर्ज किए।
शादी के कुछ महीनों बाद से शुरू हुआ था विवाद
जांच में यह बात सामने आई कि मृतक लीनेश साहू का विवाह सितंबर 2023 में संत कबीर आश्रम पोटियाडीही में करुणा साहू के साथ हुआ था। शादी के करीब 3-4 महीने बाद से ही पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग लीनेश तथा उसके माता-पिता पर लगातार दूसरे धर्म को अपनाने का दबाव डालने लगे थे। मना करने पर वे आए दिन लड़ाई-झगड़ा करते थे, जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर युवक ने आत्महत्या कर ली।
अदालत का फैसला
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर ने पांचों आरोपियों—राजकुमार साहू (54 वर्ष), गौरी साहू (48 वर्ष), करुणा साहू (27 वर्ष), किरण साहू (31 वर्ष) और कनिष्का साहू को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत दोषी करार दिया और उन्हें पांच-पांच साल के सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।










