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गणित का सवाल नहीं बता पाई 8 साल की बच्ची, राज्यपाल सम्मान प्राप्त शिक्षक पर थप्पड़ मारने का आरोप

गरियाबंद के भेंडरी प्राथमिक स्कूल में गणित का सवाल नहीं बता पाने पर आठ वर्षीय छात्रा को थप्पड़ मारने का आरोप शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी पर लगा है। शिक्षक ने गुस्से में थप्पड़ मारने की बात स्वीकार की और भविष्य में ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया। परिजन और ग्रामीण शिक्षा

October 10, 2026 6:02 AM
गरियाबंद के भेंडरी प्राथमिक स्कूल में छात्रा से कथित मारपीट का मामला
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गरियाबंद। गणित का एक सवाल नहीं बता पाने पर क्या किसी आठ साल की बच्ची को पीटना उचित है? छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम भेंडरी स्थित प्राथमिक शाला में तीसरी कक्षा की छात्रा के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि गणित के सवाल का जवाब नहीं दे पाने पर शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी ने गुस्से में बच्ची को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान दिखाई देने की बात कही जा रही है। मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी है।

गणित का जवाब नहीं मिला तो शिक्षक ने खोया आपा?

जानकारी के अनुसार, घटना 7 अक्टूबर, बुधवार की बताई जा रही है। ग्राम भेंडरी के प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाली आठ वर्षीय छात्रा से शिक्षक ने गणित का सवाल पूछा था। आरोप है कि बच्ची सवाल का जवाब नहीं दे पाई, जिसके बाद शिक्षक ने गुस्से में उसे थप्पड़ मार दिया।बताया जा रहा है कि संबंधित शिक्षक को राज्यपाल सम्मान से पुरस्कृत किया जा चुका है। ऐसे में एक छोटी बच्ची के साथ कथित मारपीट की घटना ने शिक्षक के व्यवहार और बच्चों के प्रति जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के बाद सहमी बच्ची, परिजनों ने बताई परेशानी

परिजनों का कहना है कि घटना के बाद बच्ची काफी भयभीत है। उनका दावा है कि वह ठीक से खाना-पीना नहीं कर रही और रात में सोने में भी परेशानी महसूस कर रही है। बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान दिखाई देने की बात भी सामने आई है।हालांकि, बच्ची की चोटों की प्रकृति और उसकी स्वास्थ्य स्थिति की आधिकारिक पुष्टि चिकित्सकीय जांच से ही हो सकेगी। इस घटना ने परिवार को चिंतित कर दिया है और ग्रामीण मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पहले भी मारपीट के आरोप लगने का दावा

ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ पहले भी बच्चों से मारपीट की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ग्रामीणों की मांग है कि शिक्षा विभाग मामले की गंभीरता से जांच करे और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

शिक्षक ने स्वीकार की गलती, भविष्य में ऐसा नहीं करने की बात कही

मामले में शिक्षक भागचंद चतुर्वेदी का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि गुस्से में उन्होंने एक-दो थप्पड़ मार दिए थे। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसा नहीं करने की बात कही।शिक्षक के इस बयान के बाद अब शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी। मामले में निष्पक्ष जांच और बच्ची के हितों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

स्कूल बच्चों के सीखने, समझने और गलतियों से आगे बढ़ने की जगह होते हैं। छोटी कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों से हर सवाल का सही जवाब देने की अपेक्षा नहीं की जा सकती। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह घटना बच्चों के साथ शिक्षक के व्यवहार और विद्यालयों में अनुशासन के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

 

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