Police News : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक पुलिस जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के चंदागढ़ मुरब्बाबाड़ी में जवान का शव पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान कोरबा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ नरहरी पटेल के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि शव के चेहरे पर चोट के निशान होने की बात ग्रामीण कह रहे हैं। वहीं, पेड़ के नीचे जवान की मोटरसाइकिल और एक युवती का दुपट्टा भी मिला है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
सुनसान इलाके में मिला जवान का शव
घटना पत्थलगांव थाना क्षेत्र के चंदागढ़ मुरब्बाबाड़ी की है। जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर पेड़ पर फांसी के फंदे से लटक रहे एक व्यक्ति के शव पर पड़ी। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल गांव के सरपंच रोशन प्रताप सिंह पैंकरा को इसकी सूचना दी। सरपंच ने मामले की जानकारी पत्थलगांव पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाया।
मृतक की पहचान नरहरी पटेल के रूप में
पुलिस ने मृतक की पहचान नरहरी पटेल के रूप में की है, जो कोरबा जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ थे। जवान का शव जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर कोरबा में पदस्थ जवान इस सुनसान इलाके तक कैसे पहुंचे? वह यहां अकेले आए थे या उनके साथ कोई और भी था? इन सवालों के जवाब फिलहाल सामने नहीं आए हैं।
चेहरे पर चोट के निशान, नीचे मिली बाइक और दुपट्टा
इस मामले में ग्रामीणों ने शव के चेहरे पर गंभीर चोट के निशान होने की बात कही है। इसके अलावा, जिस पेड़ पर जवान का शव लटका मिला, उसके नीचे उनकी मोटरसाइकिल और एक युवती का दुपट्टा भी मिलने की जानकारी सामने आई है। इन परिस्थितियों के चलते ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस ने हत्या की पुष्टि नहीं की है और न ही यह स्पष्ट हुआ है कि दुपट्टा किसका है या उसका घटना से कोई संबंध है या नहीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल पत्थलगांव पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके साथ ही पुलिस तकनीकी पहलुओं से भी जांच कर रही है, ताकि जवान की मौत से जुड़े घटनाक्रम और उनके सुनसान इलाके में पहुंचने की वजह का पता लगाया जा सके।
फिलहाल पुलिस जवान नरहरी पटेल की मौत रहस्य बनी हुई है। चेहरे पर चोट के निशान, घटनास्थल पर मिली मोटरसाइकिल और दुपट्टे समेत कई बिंदुओं की जांच की जा रही है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पर टिकी है, जिससे स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या किसी आपराधिक घटना से जुड़ा हुआ है।










