रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित शिक्षकों के नाम सामने आ गए हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से ऐसे शिक्षकों का चयन किया गया है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करते हुए विद्यार्थियों के सीखने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए नए प्रयोग किए हैं। छत्तीसगढ़ से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के खिचरी स्थित शासकीय माध्यमिक शाला की सहायक शिक्षिका सुनीता यादव का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है।
सुनीता यादव वर्तमान में शासकीय माध्यमिक शाला (Govt. M.S.) खिचरी, बरमकेला क्षेत्र में पदस्थ हैं। अपनी अनूठी शिक्षण शैली, नवाचार और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
बच्चों के बीच लोकप्रिय हैं सुनीता यादव
सुनीता यादव लंबे समय से स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए उनके द्वारा अपनाई जाने वाली नवाचारी शिक्षण पद्धतियों ने उन्हें विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय बनाया है। उनकी कोशिश रहती है कि बच्चे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि गतिविधियों और व्यवहारिक तरीकों के माध्यम से विषयों को समझें।
शिक्षा के प्रति इसी समर्पण और नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए उनका चयन छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
यूपी के तीन शिक्षकों का भी चयन
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 की सूची में उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा शिक्षकों का चयन बताया जा रहा है। राज्य से डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. इफ्तिखार खान और शालिनी कुशवाहा को सम्मानित किया जाएगा।
वहीं छत्तीसगढ़ से सुनीता यादव के चयन के बाद शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। खासतौर पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले और बरमकेला क्षेत्र के लिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खिचरी स्कूल का बढ़ा गौरव
राष्ट्रीय स्तर के शिक्षक पुरस्कार के लिए खिचरी जैसे ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका का चयन इस बात को भी रेखांकित करता है कि सीमित संसाधनों के बीच काम करने वाले शिक्षकों के नवाचार और समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।
सुनीता यादव के चयन से उनके स्कूल, क्षेत्र और जिले के शिक्षा जगत में उत्साह है। शिक्षक और स्थानीय लोग इसे छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।











