Big Accident In School। स्कूल से एक दर्दनाक हादसे की खबर आयी है। स्कूल की छत अचानक से गिर गयी, इस घटना में 27 स्कूली बच्चों सहित 28 की मौत हो गयी। मृतकों में एक शिक्षिका भी है। घटना पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की है, जहां से आयी दर्दनाक हादसे की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 28 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 27 बच्चे और एक महिला शिक्षिका शामिल हैं। हादसे में कम से कम 25 बच्चे गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया है। मलबे में दबे बच्चों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
देखते ही देखते मलबे में दब गए मासूम
यह हादसा पेशावर के दिर कॉलोनी और अफरीदी आबाद इलाके में स्थित एक निजी स्कूल में हुआ। बताया जा रहा है कि स्कूल की इमारत तीन मंजिला थी और उसकी छत अचानक ढह गई। उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद थे, जो देखते ही देखते मलबे के नीचे दब गए।
हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की उम्र 7 से 13 साल के बीच बताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबे में फंसे बच्चों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ घायलों को लेडी रीडिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बचाव कार्य में जुटी सेना, कई बच्चे अस्पताल में भर्ती
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की मदद ली। सेना के जवान और बचावकर्मी मलबा हटाकर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे रहे।स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हादसे में कम से कम 25 बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार दिया जा रहा है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बच्चों के परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
स्कूल संचालक गिरफ्तार, जांच कमेटी गठित
पेशावर के पुलिस अधिकारी सीसीपीओ मियां सईद के मुताबिक, मामले में स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल की इमारत काफी पुरानी थी और इसके निर्माण में मिट्टी व लकड़ी जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, छत गिरने के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
पाकिस्तान में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
पाकिस्तान में स्कूलों और अन्य इमारतों के ढहने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। खराब निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और इमारतों के रखरखाव में लापरवाही को ऐसी दुर्घटनाओं के संभावित कारणों में गिना जाता है।
• उमरकोट: जुलाई में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल की बाहरी दीवार गिरने से तीन बच्चियों की मौत हो गई थी।
• लाहौर: बागबानपुरा इलाके में निर्माणाधीन निजी स्कूल की छत गिरने से एक बच्चे की मौत हुई थी, जबकि कम से कम पांच लोग घायल हुए थे।
• लाहौर का काहना इलाका: जून में एक निजी ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत होने की खबर सामने आई थी।
• डेरा गाजी खान: एक निजी स्कूल की कक्षा की छत गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हुए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा और निर्माण मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मासूमों की मौत ने फिर उठाए सुरक्षा पर सवाल
पेशावर का यह हादसा एक बार फिर बताता है कि जर्जर और असुरक्षित इमारतें बच्चों की जिंदगी के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकती हैं। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।फिलहाल हादसे की जांच जारी है। अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि स्कूल की छत किन परिस्थितियों में गिरी और इस दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।










