रायपुर। EOW ने कोयले के अलावा लौह अयस्क पैलेट के परिवहन से भी कथित अवैध वसूली की बात कही है। जांच एजेंसी के अनुसार पैलेट परिवहन के लिए ₹100 प्रति टन की रकम वसूले जाने के तथ्य सामने आए हैं।
चालान में तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य की भूमिका का भी उल्लेख है। EOW के अनुसार पैलेट उद्योगपतियों को सूर्यकांत तिवारी या उसके लोगों को ₹100 प्रति टन देने के निर्देश दिए जाने से संबंधित तथ्य जांच में मिले हैं।
डायरियों में करोड़ों की रकम का जिक्र
EOW ने अपने पूरक चालान में जब्त डायरियों की प्रविष्टियों का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के मुताबिक, राम गोपाल अग्रवाल से संबंधित प्रविष्टियों में कुल ₹104.20 करोड़ का उल्लेख है।
देवेंद्र सिंह यादव से संबंधित प्रविष्टियों में करीब ₹3 करोड़, विनोद तिवारी से जुड़ी प्रविष्टियों में करीब ₹2.12 करोड़ और रामप्रताप सिंह से संबंधित प्रविष्टियों में करीब ₹2.93 करोड़ दर्ज होने का दावा किया गया है।
पूर्व शिक्षक नेता चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित प्रविष्टियों में करीब ₹49.50 लाख और जयप्रकाश मौर्य से जुड़ी दो प्रविष्टियों में ₹1 करोड़ का उल्लेख बताया गया है। EOW ने इन रकमों के स्रोत, लेन-देन और कथित उपयोग से संबंधित तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
संपत्तियों में निवेश और नकद लेन-देन की जांच
पूरक चालान में कथित अवैध रकम को जमीन, फ्लैट, वाशरी और अन्य संपत्तियों में निवेश किए जाने का भी विवरण शामिल है।
EOW के अनुसार कुछ आरोपियों और उनके परिवार से जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल रकम के लेन-देन में किया गया। कुछ भूमि सौदों में रजिस्ट्री मूल्य से अतिरिक्त नकद भुगतान और कथित रकम को वैध आय के रूप में दर्शाने से जुड़े तथ्यों की भी जांच की गई है।
पहले ही पेश हो चुके हैं एक मुख्य और पांच पूरक चालान
यह इस मामले में छठा पूरक चालान है। EOW के मुताबिक इससे पहले मामले में एक मुख्य अभियोग पत्र और पांच पूरक चालान पेश किए जा चुके हैं।
जांच एजेंसी ने यह भी बताया है कि अन्य संभावित संदिग्धों और शेष लेन-देन के संबंध में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) के तहत आगे की विवेचना जारी है।
चालान में शामिल आरोपियों की भूमिका
1. राम गोपाल अग्रवाल
राम गोपाल अग्रवाल संबंधित अवधि में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्क्ष एवं छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष थे। जब्त डायरियों में ‘‘भवन’ एवं “C PARTY” के नाम से 32 प्रविष्टियों में कुल ₹104.20 करोड़ (एक सौ चार करोड़ बीस लाख रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में यह रकम राजीव भवन पहुंचाए जाने तथा देवेन्द्र डडसेना के माध्यम से राम गोपाल अग्रवाल द्वारा पार्टी के लिए प्राप्त किए जाने के तथ्य मिले हैं। उनके परिवार से संबंधित कंपनियों के नाम भूमि खरीदी और रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान का विवरण भी चालान में शामिल है।
2. देवेन्द्र सिंह यादव
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव एवं उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹3 करोड़ ;तीन करोड़ रुपयेद्ध दर्ज हैं। इनमें खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भेजी गई रकम भी शामिल है। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने तथा उसका उपयोग चुनाव संबंधी कार्यों और स्वयं के लिए करने में देवेंद्र सिंह यादव की भूमिका पाई गई है।
3. विनोद तिवारी
विनोद तिवारी के नाम अथवा उनसे जुड़े नामों से जब्त डायरियों में 22 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बारह लाख ग्यारह हजार रुपये (लगभग ₹2.12 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग राजनीतिक कार्यों में करने के तथ्य मिले हैं। खैरागढ़ उपचुनाव की होर्डिंग के भुगतान तथा जिला पंचायत के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए रकम की व्यवस्था से संबंधित विवरण भी सामने आया है।
4. रामप्रताप सिंह
जब्त डायरियों में “R P Singh” एवं “RP” नाम से रामप्रताप सिंह से संबंधित 25 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बानवे लाख नब्बे हजार रुपये (लगभग ₹2.93 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने तथा उसे व्यक्तिगत खर्च, राजनीतिक कार्यों, मीडिया प्रबंधन और वाहन व्यवस्था में उपयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है।
5. चंद्रदेव प्रसाद राय
तत्कालीन बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित चार डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹49.50 लाख (लगभग उनचास लाख पचास हजार रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग चुनाव संबंधी खर्चों में करने के तथ्य मिले हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा उन्हें आभूषण उपलब्ध कराए जाने का विवरण भी चालान में शामिल है। आपको बता दें कि चन्द्रदेव राय शिक्षक नेता रहे है। उन्होंने शिक्षक की नौकरी छोड़कर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी।
6. जयप्रकाश मौर्य
तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म, जयप्रकाश मौर्य से संबंधित दो डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹1 करोड़ (लगभग एक करोड़ रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने, खनिज विभाग के मामलों में उसके साथ संपर्क रखने तथा अवैध वसूली की व्यवस्था में सहयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। पैलेट उद्योगपतियों को ₹100 प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को देने के निर्देश दिए जाने का विवरण भी उनके विरुद्ध चालान में शामिल है।
7. पियूष कुमार साहू
पियूष कुमार साहू की भूमिका अपनी बहन रानू साहू को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम संपत्तियों में निवेश कराने में पाई गई है। परिवार से संबंधित 13 संपत्तियों की खरीदी में बैंक खातों से भुगतान के अलावा रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान भी किया गया। रकम के लेन-देन और संपत्ति खरीदी में उनके तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया।
8. जोगेन्दर सिंह
जोगेन्दर सिंह, सूर्यकांत तिवारी के व्यावसायिक भागीदार थे। विवेचना में जय अम्बे रोड लाइन्स के माध्यम से नकद रकम की व्यवस्था करने तथा अपनी फर्मों के खातों से बैंक प्रविष्टियां उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका पाई गई है। सात फर्मों को भेजी गई लगभग ₹40 करोड़ (लगभग चालीस करोड़ रुपये) की राशि और उससे संबंधित लेन-देन का विवरण भी चालान में दिया गया है।
9. अनुराग चौरसिया
अनुराग चौरसिया की भूमिका सौम्या चौरसिया को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम फ्लैट और भूमि खरीदी में लगाने में पाई गई है। इसके लिए मोटल मधुबन तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया। इन खातों में प्राप्त रकम, आगे किए गए भुगतान और संपत्तियों में निवेश का विवरण चालान में शामिल है।
10. दीपेश टांक
दीपेश टांक की भूमिका भूमि सौदे में रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद रकम प्राप्त करने तथा नकद रकम को कृषि आय के रूप में दर्शाने में पाई गई है। भूमि विक्रय के बाद भी वे ओम एग्रो फार्म के कार्यों एवं भुगतान से जुड़े रहे। अवैध रकम को भूमि और फार्म के कार्यों में लगाने तथा उसे वैध आय दर्शाने से संबंधित तथ्य चालान में दिए गए हैं।
11. सुनील कुमार अग्रवाल
इंद्रमणि समूह के सुनील कुमार अग्रवाल की भूमिका सूर्यकांत तिवारी की ओर से भेजी गई नकद रकम अपने यहां रखने, उससे आगे भुगतान करने तथा वाशरी खरीदी में निवेश कराने में पाई गई है। इंद्रमणि समूह से संबंधित लेन-देन, वाशरी एवं भूमि खरीदी और नकद रकम के उपयोग का विवरण चालान में शामिल है।
12. राहुल मिश्रा
राहुल मिश्रा, सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं में कार्य करते थे। विवेचना में उनके पास बड़ी नकद रकम रखे जाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे निखिल चंद्राकर के माध्यम से सूर्यकांत तिवारी को वापस उपलब्ध कराए जाने के तथ्य मिले हैं। निर्माण कार्यों के भुगतान और नकद रकम सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका का विवरण चालान में दिया गया है।
उक्त प्रकरण में अन्य अन्य संभावित संदेहियों एवं शेष लेन-देन के संबंध में माननीय न्यायालय से अनुमति प्राप्त दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) में अग्रिम विवेचना जारी है।










