बिलासपुर । भारतीय जनता पार्टी में बड़ा पद और राजनीतिक नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मामले में सरकंडा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निखत परवीन शाबरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला मनेन्द्रगढ़-खोंगापानी की रहने वाली बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, श्री विहार निवासी चेतन आनंद दुबे ने मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि निखत परवीन ने भाजपा में बड़ा पद दिलाने और राजनीतिक नियुक्ति कराने का भरोसा दिलाकर उनसे रकम ली। शिकायतकर्ता के अनुसार, अलग-अलग समय में उनसे कुल 82 लाख 63 हजार रुपये लिए गए।
राजनीतिक नियुक्ति का दिया था झांसा
आरोप है कि महिला ने खुद को राजनीतिक स्तर पर प्रभावशाली बताकर शिकायतकर्ता को भाजपा में महत्वपूर्ण पद दिलाने और राजनीतिक नियुक्ति कराने का भरोसा दिलाया। इसी झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर बड़ी रकम दे दी।
बाद में जब पद या राजनीतिक नियुक्ति नहीं मिली तो शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगी। आरोप है कि इसके बाद भी रकम वापस नहीं की गई। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद सरकंडा थाना पुलिस ने जांच शुरू की।
82.63 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
पुलिस जांच में शिकायतकर्ता द्वारा दी गई रकम और पूरे घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेजों एवं अन्य तथ्यों की जांच की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने निखत परवीन शाबरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर ली गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
सोशल मीडिया से हुई थी पहचान
शिकायत के मुताबिक, चेतन आनंद दुबे की निखत परवीन साबरी से पहचान पिछले वर्ष फेसबुक के माध्यम से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के दौरान महिला ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी से जुड़ा हुआ बताया और कई बड़े नेताओं के साथ सीधे संपर्क होने की बात कही।
पीड़ित के अनुसार, इसी दौरान गतौरी में उसकी जमीन से संबंधित एक विवाद चल रहा था। उसने जमीन विवाद की जानकारी निखत को दी। शिकायत में आरोप है कि महिला ने प्रशासनिक स्तर पर पटवारी और राजस्व निरीक्षक से संबंधित काम कराने में उसकी मदद की।
बताया गया है कि जमीन से जुड़े काम में मदद मिलने के बाद चेतन का महिला पर भरोसा बढ़ गया। आरोप है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर निखत ने उसे राजनीतिक पार्टी में पद दिलाने का प्रस्ताव दिया।
पार्टी फंड के नाम पर मांगी रकम
पीड़ित का आरोप है कि महिला ने उसे बताया कि पार्टी में पद हासिल करने के लिए पार्टी फंड में निर्धारित राशि जमा करनी होगी। राजनीतिक पद और बड़े नेताओं तक पहुंच का भरोसा मिलने के बाद उसने महिला को रकम देना शुरू किया।शिकायत के अनुसार, अलग-अलग समय में आरोपी महिला ने कथित तौर पर पीड़ित से कुल 82 लाख 63 हजार 194 रुपये लिए। पीड़ित का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद न तो उसे पार्टी में वह पद मिला और न ही बताई गई राजनीतिक नियुक्ति हो सकी।
पद नहीं मिला तो हुआ धोखाधड़ी का अहसास
जब काफी समय बीतने के बाद भी पद और राजनीतिक नियुक्ति नहीं मिली तो पीड़ित को कथित धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने महिला से रकम वापस करने की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम वापस नहीं मिलने पर उसने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
शिकायत मिलने के बाद सरकंडा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। पुलिस कथित लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी महिला ने वास्तव में किसी राजनीतिक संगठन या नेताओं से अपने संबंध होने का दावा किस आधार पर किया था।
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर सकती हैं कि इतनी बड़ी रकम के लेनदेन में महिला के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।फिलहाल पुलिस कार्रवाई शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपी महिला का पक्ष और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रकम किस उद्देश्य से ली गई और कथित तौर पर उसे कहां इस्तेमाल किया गया।










