सुकमा। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत से पहले छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं को लेकर सुकमा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अमित कुमार और सहायक आयुक्त द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई छात्रावासों में लापरवाही और अव्यवस्था मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। इस दौरान एक भृत्य और एक अधीक्षक को निलंबित किया गया, जबकि कई अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, पहले आयोजित समीक्षा बैठक में सभी छात्रावासों और आश्रमों की साफ-सफाई, विद्यार्थियों की सुविधाओं और नियमित संचालन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलीं।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां
25 जून को कलेक्टर अमित कुमार एवं सहायक आयुक्त ने विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर साफ-सफाई की कमी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति तथा छात्रावास संचालन में लापरवाही पाई गई। प्रशासन ने इन कमियों को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इन अधिकारियों-कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने निम्नलिखित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की—
- सुशीला कवासी – कन्या आश्रम, दुब्बाटोटा
- पुनेम हिरमा – प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास, दुब्बाटोटा
- सविता यादव – पोस्ट-मैट्रिक कन्या छात्रावास
- भोजराम ठाकुर – प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास
इनमें संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन एवं प्रभार से पृथक करने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। साथ ही छात्रावासों का संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक अधिकारियों को तत्काल जिम्मेदारी सौंपी गई।
बच्चों की सुविधाओं से समझौता नहीं
कलेक्टर अमित कुमार ने स्पष्ट कहा कि छात्रावासों और आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से नहीं करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि छात्रावासों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और अनुशासित व्यवस्था सुनिश्चित करना है।










