रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पदोन्नति में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर जारी विवाद के बीच शिक्षा विभाग ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर कार्यालय से 20 अगस्त 2026 को जारी आदेश में सहायक शिक्षकों से शिक्षक पद पर पदोन्नति के लिए प्रस्ताव एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि पदोन्नति की निर्धारित योग्यता के साथ प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET/टीईटी) उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य बताया गया है।
आदेश में कहा गया है कि संभाग के अंतर्गत कार्यरत ऐसे सहायक शिक्षक नियमित, सहायक शिक्षक एलबी/2019 सीधी भर्ती से नियुक्त सहायक शिक्षक (शिक्षाकर्मी) (ई संवर्ग), जिनके द्वारा शिक्षक (ई संवर्ग) पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित अर्हता पूरी कर ली गई है और प्राथमिक तथा माध्यमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण कर ली है, उनके पदोन्नति प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
धमतरी-बलौदाबाजार के लिए 27 अगस्त, तीन जिलों के लिए 31 अगस्त तक समय
रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय ने जिलों के लिए अलग-अलग समय-सीमा तय की है। आदेश के मुताबिक धमतरी और बलौदाबाजार जिले के शिक्षकों से संबंधित दस्तावेज 27 अगस्त 2026 तक उपलब्ध कराने होंगे। वहीं गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर जिले से संबंधित दस्तावेज 31 अगस्त 2026 तक कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कौन-कौन से दस्तावेज देने होंगे?
आदेश में पदोन्नति प्रस्ताव के साथ आवश्यक दस्तावेजों की सूची भी दी गई है। इनमें संबंधित विषय में पदोन्नति के लिए प्रस्तावित शिक्षक की स्नातक की मार्कशीट की छायाप्रति एवं उक्त योग्यता संबंधी सर्विस बुक के जिस पृष्ठ पर दर्ज है, उसकी छायाप्रति शामिल है।
इसके अलावा व्यावसायिक योग्यता की मार्कशीट की छायाप्रति और उक्त योग्यता सर्विस बुक के जिस पृष्ठ पर दर्ज है, उसकी छायाप्रति भी मांगी गई है। यदि योग्यता सर्विस में आने के बाद अर्जित की गई है तो संबंधित अधिकारी से ली गई परीक्षा अनुमति की छायाप्रति भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होने के प्रमाण पत्र की छायाप्रति तथा योग्यता सर्विस बुक के जिस पृष्ठ पर दर्ज है, उसकी छायाप्रति भी मांगी गई है।
TET को लेकर शिक्षकों के विरोध के बीच आया आदेश
दरअसल, पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर प्रदेश के शिक्षक संगठन लगातार विरोध जता रहे हैं। शिक्षकों की मांग है कि पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता को लेकर सरकार पुनर्विचार करे। इसी बीच शिक्षा विभाग की ओर से लगातार ऐसे आदेश सामने आ रहे हैं, जिनमें पदोन्नति के लिए TET उत्तीर्ण होने की शर्त का उल्लेख किया जा रहा है।
हाल ही में शिक्षकों को B.Ed कराने के लिए ब्रिज कोर्स के मुद्दे पर भी बैठक हुई थी। शिक्षक संगठनों की शिक्षा सचिव और DPI स्तर पर बातचीत हो चुकी है। संगठनों का कहना है कि सरकार की ओर से शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया गया है। ऐसे में रायपुर संभाग से जारी यह नया आदेश शिक्षकों के बीच फिर से सवाल खड़े कर रहा है।
पहले भी कई जिलों में जारी हो चुके हैं ऐसे आदेश
यह पहला मामला नहीं है जब पदोन्नति में TET की अनिवार्यता का उल्लेख करते हुए आदेश जारी किया गया है। इससे पहले बेमेतरा, कोंडागांव और कोरबा सहित अन्य जिलों में भी पदोन्नति प्रक्रिया में TET की अनिवार्यता को लेकर आदेश जारी किए जा चुके हैं।
रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय के ताजा आदेश से फिलहाल यह संकेत जरूर मिल रहा है कि पदोन्नति प्रक्रिया में TET की शर्त को विभागीय स्तर पर अभी हटाया नहीं गया है। हालांकि, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अंतिम और स्पष्ट निर्णय क्या होगा, इसे लेकर शिक्षकों की नजर अब आगामी आदेशों पर है।
गोपनीय चरित्रावली और अन्य रिकॉर्ड भी मांगे गए:
आदेश में वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की गोपनीय चरित्रावली एवं उपलब्ध संबंधित दस्तावेजों को अपने स्तर पर जांच के बाद निर्धारित प्रपत्र में पदोन्नति प्रस्ताव के साथ अलग-अलग फोल्डर तैयार कर कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिन सहायक शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं हुई है, उनके पदोन्नति प्रस्ताव नहीं भेजने को कहा गया है।





















