रायपुर। राजधानी रायपुर में बुधवार को भाजपा द्वारा कांग्रेस भवन घेराव के दौरान राजनीतिक तनाव बढ़ गया। भाजपा व कांग्रेस कांग्रेस कार्यकर्ताओं में टकराव की आशंका के मद्देनजर पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
इससे पहले कांग्रेस भवन घेराव के दौरान हुए प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में आंसू गैस के गोले छोड़े। देर शाम भाजपा ने अपना कांग्रेस भवन घेराव कार्यक्रम समाप्त कर दिया।
कांग्रेस भवन के बाहर आमने-सामने आए दोनों दलों के कार्यकर्ता
भाजपा के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस भवन के दूसरी ओर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों की ओर से लगातार नारेबाजी होती रही, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने दोनों समूहों के बीच सुरक्षा घेरा बनाए रखा।
रायपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, कांग्रेस भवन घेराव के दौरान कांग्रेस व बीजेपी कार्यकर्ता आपस में टकराए, वाटर कैनन और आंसू गैस छोड़े गए।@INCChhattisgarh @BJP4CGState @bhupeshbaghel @RahulGandhi @INCIndia @bjp #BJP4CGState #congress #raipur pic.twitter.com/IBxZY1vD3T
— NEWS POST (@NEWSPOSTHINDI) July 22, 2026
टीन शेड क्षतिग्रस्त होने की जानकारी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए टीन शेड के क्षतिग्रस्त होने की सूचना सामने आई। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग और अवरोधों को हटाने का प्रयास भी किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हस्तक्षेप किया।
पुलिस ने किया बल प्रयोग
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन चलाकर भीड़ को पीछे हटाने की कोशिश की। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी रहने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटे और हालात धीरे-धीरे सामान्य हुए।
भाजपा ने राहुल गांधी के बयान का किया विरोध
भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय घेराव का आयोजन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास घेराव के आह्वान के विरोध में किया था। भाजपा का आरोप है कि इस तरह के आह्वान से देश में तनाव और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
घटना को देखते हुए कांग्रेस भवन और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे। पुलिस ने हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी थी।



















