रायपुर। राजधानी रायपुर में भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान हुई झड़प और हंगामे में पुलिस के कई जवान भी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, एक सब-इंस्पेक्टर समेत 16 से अधिक पुलिसकर्मी प्रदर्शन के दौरान घायल हुए हैं। इनमें कुछ जवानों को गंभीर चोटें आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक एक महिला कांस्टेबल सहित दो पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आयी है। घायल जवान कलेश्वर वर्मा ने बताया कि बैरिकेटिंग के दौरान भीड़ के बीच फंस जाने से उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल लाया गया। वहीं, प्रशिक्षु उप निरीक्षक (पीएसआई) श्री देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई है, जिनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।
एक जवान के सिर में गंभीर चोट
जानकारी के मुताबिक, घायलों में एक पुलिस जवान के सिर में गंभीर चोट आई है। सभी घायल पुलिसकर्मियों का इलाज कराया जा रहा है। घटना के बाद रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला अस्पताल पहुंचे और भर्ती पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से उपचार की जानकारी भी ली। कमिश्नर ने डाक्टरों से बातचीत कर घायल पुलिसकर्मियों के बेहतर इलाज के निर्देश दिये हैं। डाक्टरों ने बताया कि सभी घायल पुलिसकर्मियों पर निगरानी रखी जा रही है। सभी का बेहतर इलाज किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान बिगड़े थे हालात
बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के राजीव भवन का घेराव किया था। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। हालात तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसी दौरान अफरा-तफरी और झड़प की स्थिति बन गई, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
घटना के बाद भाजपा विधायक पुरेंद्र मिश्रा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और पत्थरबाजी व उकसावे की शुरुआत कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से हुई।
भाजपा की ओर से विधायक पुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि:
• कांग्रेस की कथनी और करनी में फर्क है।
• भाजपा शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही थी।
• यदि कांग्रेस को आपत्ति थी तो इसका मतलब यह नहीं कि हिंसा की जाए।
• प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित असंवैधानिक टिप्पणी से कार्यकर्ताओं में आक्रोश था।
• यदि मारपीट करनी होती तो अलग तैयारी के साथ आते, लेकिन उनका उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन था।
• घटना में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, इसलिए कानून के अनुसार उपद्रव करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।


















